तबरेज लिंचिंग मामला: फिर जोड़ी गई धारा 302, वायरल वीडियो की हुई पुष्टि

झारखंड के तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत हत्या की धारा (302) को चार्जशीट में फिर से जोड़ लिया गया है. वहीं जांच में तबरेज के पिटाई के वायरल वीडियो को पुलिस ने सही पाया है.

Advertisement
तबरेज लिंचिंग मामले में फिर जोड़ी गई धारा 302 (फाइल फोटो) तबरेज लिंचिंग मामले में फिर जोड़ी गई धारा 302 (फाइल फोटो)

सत्यजीत कुमार

  • रांची,
  • 18 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 12:09 AM IST

  • वायरल वीडियो को पुलिस ने पाया सही
  • धारा (302) को फिर से जोड़ा गया

झारखंड के तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत हत्या की धारा (302) को चार्जशीट में फिर से जोड़ लिया गया है. वहीं जांच में तबरेज के पिटाई के वायरल वीडियो को पुलिस ने सही पाया है. जिसके बाद हत्या की धारा को वापस जोड़ा गया है.

Advertisement

दरअसल, चोरी के आरोप में तबरेज अंसारी की बुरी तरह से पिटाई की गई थी. जिसके बाद उसकी मौत हो गई. इसमें 11 आरोपियों पर आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज हुआ था. हालांकि बाद में पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 के तहत 11 आरोपियों पर दर्ज मामले को खारिज कर दिया था.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कि कहा गया कि तबरेज अंसारी की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई, यह पूर्व नियोजित हत्या का मामला नहीं है. लेकिन अब धारा 302 को फिर से जोड़ लिया गया है.

तबरेज की विधवा ने दी धमकी

तबरेज की विधवा शाहिस्ता ने धारा 302 नहीं लगाने पर आत्महत्या की धमकी देने के साथ आरोप लगाया कि उन्हें मुआवजे के रूप में एक भी पैसा नहीं मिला. उन्होंने हाई कोर्ट में 50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी के लिए याचिका डाली है.

Advertisement

पूरा मामला वीडियो पर टिका

आरोपियों के वकील सुबोध चंद्र हजरत ने कहा कि उनके मुवक्किलों के विरुद्ध 302 या 304 के तहत कोई भी केस नहीं ठहरेगा. एफआईआर में घटना की तारीख और समय स्पष्ट नहीं है. आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है. मामले में कोई चश्मदीद नहीं है और सारा मामला वायरल हुए वीडियो पर टिका है.

बाइक चोरी के शक में हुई थी हत्या

गौरतलब है कि राज्य के सरायकेला-खरसावां में 17 जून को भीड़ ने बाइक चोरी के शक में 22 वर्षीय तबरेज अंसारी की बुरी तरह से पिटाई की दी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. इसके बाद 11 आरोपियों पर धारा 302 के तहत मामला दर्ज हुआ. हालांकि, बाद में पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 के तहत 11 आरोपियों पर दर्ज मामले को खारिज कर दिया.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement