झारखंड विधानसभा की 81 सीटों पर हुए चुनावों के लिए वोटों की गिनती खत्म हो गई है. नतीजों में जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन को बहुमत हासिल हुआ है. वहीं, सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को महज 25 सीटें मिली हैं. झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 5 चरणों में हुए थे. साहिबगंज में राजमहल, बोरियो और बरहैट विधानसभा सीटें आती हैं.
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साहिबगंज की विधानसभा सीटें-
1. राजमहल: यहां पांचवें चरण में मतदान हुआ था. इस विधानसभा सीट पर बीजेपी के अनंत कुमार ओझा ने आजसू के मोहम्मद ताजुद्दिन को 12372 वोटों से हरा दिया.
2. बोरियो: इस सीट पर 20 दिसंबर को वोटिंग हुई थी. यहां से झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोबिन हेम्ब्रम ने बीजेपी से सूर्य नरायण हांसदा को 17924 वोटों से मात दी है.
3. बरहैट: यहां पांचवें चरण में वोटिंग हुई थी. इस इस सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन ने बीजेपी से सिमोन मालतो को 25740 वोटों से हरा दिया.
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साहिबगंज के बारे में-
जंगलों के बीच स्थित साहिबगंज जिला मुख्य रूप से जनजातीय आबादी वाला जिला है. संथाल परगना जिला से अलग 1983 में इसे जिला घोषित किया गया था. साहिबगंज का इतिहास बेहद समृद्ध है. यह राजमहल और तेलियागढ़ी किला के इतिहास से जुड़ा हुआ है. साहिबगंज में भी 1855 की हूल क्रांति हुई थी. जिसमें सिद्धो-कान्हू ने मिलकर अंग्रेजों का सामना किया था. इस इलाके का जिक्र चीनी तीर्थ यात्री ह्यूएन त्सांग की यात्रा वृतांत में भी आता है. जिसमें वह तेलियागढ़ी किले का जिक्र करता है. साहिबगंज के लोगों ने नमक सत्याग्रह आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लिया. आंदोलन की गति इतनी बढ़ गई कि ब्रिटिश सरकार को सेना तक भेजनी पड़ी.
2 बार से बीजेपी का कब्जा
साहिबगंज विधानसभा सीट से 2014 में भारतीय जनता पार्टी के अनंत कुमार ओझा विधायक बने. इससे पहले 2009 में यहां से भारतीय जनता पार्टी के ही अरुण मंडल विधायक थे. जबकि, 2005 में यहां कांग्रेस के थॉमस हांसदा ने विधायक की कुर्सी पर जीत हासिल की थी. बोरियो विधानसभा सीट से भाजपा के ताला मरांडी विधायक हैं. वे इससे पहले 2005 में भी विधायक थे. जबकि, 2009 में झामुमो के लोबिन हेम्ब्रम विधायक चुने गए थे.
आबादी 11.50 लाख, साक्षरता दर 52.04%
2011 की जनगणना के अनुसार साहिबगंज की कुल आबादी 1,150,567 है. इनमें से 589,391 पुरुष और 561,176 महिलाएं हैं. जिले का औसत लिंगानुपात 952 है. साहिबगंज की कुल आबादी में से 13.9 फीसदी लोग शहरी और 86.1 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं. जिले की साक्षरता दर 52.04% है. पुरुषों में शिक्षा दर 48.75 फीसदी और महिलाओं में 34.92 प्रतिशत है.
साहिबगंज का जातिगत गणित
अनुसूचित जातिः 72,341
अनुसूचित जनजातिः 308,343
जानिए...साहिबगंज में किस धर्म के कितने लोग रहते हैं
हिंदूः 628,044
मुस्लिमः 398,243
ईसाईः 83,208
सिखः 198
बौद्धः 245
जैनः 125
अन्य धर्मः 38,426
जिन्होंने धर्म नहीं बतायाः 2,078
साहिबगंज में कामगारों की स्थिति
साहिबगंज जिले की कुल आबादी में से 490,202 लोग किसी न किसी तरह के रोजगार में जुड़े हैं. इनमें से 65.8 फीसदी या तो स्थाई रोजगार में हैं या साल में 6 महीने या उससे ज्यादा कमाई करते हैं.
मुख्य कामगारः 322,572
किसानः 82,755
कृषि मजदूरः 110,168
घरेलू उद्योगः 32,917
अन्य कामगारः 96,732
सीमांत कामगारः 167,630
जो काम नहीं करतेः 660,365
पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत
साहिबगंज जिले के तालझारी प्रखंड में मोती झरना है. यहां की प्राकृतिक खूबसूरती आपको मंत्रमुग्ध कर देगी. राजमहल पहाड़ी जीवाश्मों के लिए जाना जाता है. यहां के जीवाश्म 68 से 145 मिलियन वर्ष पुराने हैं. इसके अलावा मंगलहाट है, जिसे सम्राट अकबर के शासनकाल में बनाया गया था. तेलियागड़ी का किला भी देखने लायक स्थान है.
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