कोरोना मरीजों पर वेंटिलेटर फेल, गुजरात की कंपनी ने बनाया था

राजकोट की कंपनी ज्योति सीएनसी ने विशेष रूप से कोविड-19 के मरीजों के लिए वेंटिलेटर तैयार किया था. इसका नाम धमण-1 दिया गया और इसकी कीमत एक लाख रुपये तय की गई.

धमण-1 वेंटिलेटर
गोपी घांघर
  • अहमदाबाद,
  • 19 मई 2020,
  • अपडेटेड 7:45 AM IST

  • धमण-1 संपूर्ण वेंटिलेटर नहीं: पराक्रमसिंह
  • 100 हाई-एंड आईसीयू वेंटिलेटर की मांग

देश में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है. हर रोज कोरोना वायरस के नए मामले सामने आ रहे हैं. वहीं कोरोना वायरस के कारण अस्पतालों में वेंटिलेटर की काफी मांग है. इस बीच गुजरात के राजकोट की एक कंपनी के जरिए बनाए गए वेंटिलेटर नाकाम होने की बात सामने आई है.

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राजकोट की कंपनी ज्योति सीएनसी ने विशेष रूप से कोविड-19 के मरीजों के लिए वेंटिलेटर तैयार किया था. इसका नाम धमण-1 दिया गया और इसकी कीमत एक लाख रुपये तय की गई. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वेंटिलेटर के बारे में जानकारी दी थी. जिसके बाद वेंटिलेटर ने काफी सुर्खियां बटोरी थी.

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हालांकि, अब अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के ही सीनियर डॉक्टर ने उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल के साथ हुई बैठक में कहा है कि यह स्वदेशी वेंटिलेटर धमण-1 कोविड-19 के मरीजों पर कारगर साबित नहीं हो रहा है. इसके साथ ही 100 हाई-एंड आईसीयू वेंटिलेटर की तत्काल मांग भी की गई. बता दें कि राजकोट की कंपनी ने धमण वेंटिलेटर को महज 10 दिन में बनाने का दावा किया था. खुद मुख्यमंत्री ने सिविल अस्पताल में जाकर इसकी जानकारी साझा की थी.

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वहीं अब जब डॉक्टरों की 100 हाई-एंड आईसीयू वेंटिलेटर की तत्काल मांग से जुड़ा लेटर मीडिया के हाथ लगा तो आनन-फानन में सिविल अस्पताल के सीनियर डॉक्टर एम एम प्रभाकर ने कहा कि यह मशीन कोरोनाग्रस्त मरीजों के ट्रीटमेंट में प्राथमिक उपचार में मदद करती है यानी ये मशीन वेंटिलेटर नहीं बल्की सिर्फ सांस देने वाला उपकरण है.

चार एसेसरीज लगाना बाकी

डॉक्टर ने बताया कि अहमदाबाद में कोविड अस्पताल में आने वाले मरीजों की हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण उन्हें हाई-एंड वेंटिलेटर पर रखना ही उनके लिए काफी अहम होता है. इसलिए हाई-एंड वेंटिलेटर की मांग की गई है. वहीं इस वेंटिलेटर को लेकर आरोग्य सचिव जयंती रवि का कहना है, 'इस मशीन में चार एसेसरीज लगाना अभी बाकी हैं. शुरुआत में इस वेंटिलेटर में कुछ कमी महसूस होने पर उसके लिए एक ट्रेनिंग भी दी गई.

संपूर्ण वेंटिलेटर नहीं

वहीं धमण-1 को बनाने वाली ज्योति सीएनसी के मालिक पराक्रमसिंह जडेजा का कहना है कि यह संपूर्ण वेंटिलेटर नहीं है और इस बारे में राज्य सरकार को भी बता दिया गया था. वेंटिलेटर में कई मोड होते हैं और ये आपात स्थिति के लिए है. हम धमण-3 बना रहे हैं जो एक संपूर्ण वेंटिलेटर हैं.

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