सूरत में बढ़े कोरोना केस, संक्रमण से बचने के लिए लोगों ने खुद ही किया लॉकडाउन

सूरत के रांदेर इलाके में अघोषित लॉकडाउन है. यहां बिना सरकारी आदेश के ही लोगों ने लॉकडाउन शुरू कर दिया है ताकि कोरोना से बचा जा सके.

Advertisement
सूरत में बिना सरकारी आदेश के ही लोगों ने लॉकडाउन शुरू कर दिया (फाइल फोटो-PTI) सूरत में बिना सरकारी आदेश के ही लोगों ने लॉकडाउन शुरू कर दिया (फाइल फोटो-PTI)

गोपी घांघर

  • सूरत,
  • 18 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 3:15 PM IST

  • सूरत शहर के कई इलाकों में अघोषित लॉकडाउन
  • शहर में तेजी से बढ़ रहे है कोरोना वायरस के केस

गुजरात में बढ़ रहे कोरोना मामलों को लेकर राज्य सरकार भले ही लॉकडाउन की घोषणा नहीं कर रही हो, सूरत शहर के कई इलाकों में अघोषित लॉकडाउन शुरू हो गया है. मसलन लोगों खुद ही अपने व्यापार, कारोबार और प्रतिष्ठानों को बंद कर कोरोना से संक्रमित होने से बचने का प्रयास करना शुरू कर दिया है.

Advertisement

अघोषित लॉकडाउन सूरत के रांदेर इलाके में है. यहां बिना सरकारी आदेश के ही लोगों ने लॉकडाउन शुरू कर दिया है ताकि कोरोना से बचा जा सके. इस इलाके में रहने वाले हज़ारों लोगों ने यहां की सब्ज़ी मंडी से लेकर अपनी दुकानें, लॉरी और सभी प्रकार के व्यापारिक प्रतिष्ठान सब बंद कर दिए हैं. सिर्फ़ रांदेर टाउन इलाके में तकरीबन 40 हजार लोग रहते हैं. जिन्होंने कोरोना से बचने के लिए खुद ही लॉकडाउन शुरू करने का बीड़ा उठाया है. लोग मान रहे हैं कि इसकी वजह से यहां से सामने आ रहे कोरोना के मामलों में भी कमी आएगी.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

ख़ासकर सूरत शहर के उन इलाक़ों में लोग स्वयं लॉकडाउन कर रहे है जिन एरिया में कोरोना के सबसे ज़्यादा केस हैं. शहर के मिनी बाज़ार इलाके में स्थित डायमंड बाज़ार को भी हीरा व्यवसायियों ने ख़ुद ही बंद कर दिया है. मसलन शहर के कई इलाकों में बिना सरकारी आदेश के स्वयं लोग लॉकडाउन की तरफ़ बढ़ रहे हैं. सूरत महानगर पालिका के मेयर डॉक्टर जगदीश पटेल की मानें तो लोगों में कोरोना का इतना ख़ौफ़ है कि खुद लॉकडाउन कर रहे हैं. इसका फ़ायदा भी जल्द देखने को मिलेगा.

Advertisement

केंद्रीय टीम ने सूरत का किया दौरा

बता दें कि गुजरात भर में सबसे ज़्यादा कोरोना के मरीज़ सूरत में ही हैं जिसे लेकर केंद्रीय मेडिकल टीम भी सूरत पहुंची थी. केंद्रीय मेडिकल टीम के सदस्य नीति आयोग के विनोद पॉल और एम्स के डायरेक्टर रणदीप गूलेरिया ने सूरत के सिविल अस्पताल में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मीटिंग. एम्स डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने सिविल अस्पताल के इंतजामों पर संतुष्टि जताई. हालांकि जब उनसे इंजेक्शन की कमी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसका दुरुपयोग हो रहा है जिसपर उनकी नज़र है. उन्होंने कहा कि सूरत में अहमदाबाद की तरह जल्द ही केस कम होने लगेंगे.

केंद्रीय मेडिकल टीम ने सूरत का दौरा किया

चार सदस्यों की टीम ने सूरत के सिविल अस्पताल के अलावा शहर के कंटेनमेंट इलाक़ों का भी दौरा किया. इस टीम में नीति आयोग के सदस्य विनोद पॉल, ICMR के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव, दिल्ली स्थिति एम्स के डायरेक्टर रणदीप गूलेरिया और एडिशनल हेल्थ सेक्रेटरी आरती आहूजा शामिल थे.

देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement