'सरकारी वकील जज के चैंबर में क्या कर रहे थे', विभव कुमार पर सुनवाई के बाद एडवोकेट ने लगाया आरोप

तीस हजारी कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने विभव कुमार को तीन दिन पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश सुनाया. इसके बाद कोर्ट रूम में जबरदस्त बहस हुई. विभव के वकील ने कोर्ट से कहा कि बहस पूरी होने और आदेश सुरक्षित रखे जाने के बाद जज साहब अपने चेंबर में चले गए थे. लेकिन हमने खुद देखा कि वो (सरकारी वकील) ऑर्डर सुनाए जाने से कुछ मिनट पहले तक जज साहब के चेंबर में थे. घंटा भर से ज्यादा समय तक वो वहां क्या कर रहे थे?

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केजरीवाल के करीबी विभव कुमार (फाइल फोटो) केजरीवाल के करीबी विभव कुमार (फाइल फोटो)

संजय शर्मा / सृष्टि ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 28 मई 2024,
  • अपडेटेड 10:37 PM IST

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर कथित हमले के मामले में दिल्ली की कोर्ट ने केजरीवाल के करीबी विभव कुमार को 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. इससे पहले उनके वकीलों ने जज और दिल्ली पुलिस के वकील के खिलाफ कड़े आरोप लगाए. विभव कुमार के वकील ने सवाल उठाया कि सरकारी वकील क्यों आदेश सुनाए जाने से ठीक पहले जज के चैंबर में क्यों गए थे.

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दरअसल, मंगलवार को सुनवाई के बाद तीस हजारी कोर्ट ने विभव को तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजते हुए अपने आदेश में कहा कि जिस कमरे में नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर यानी एनवीआर स्थापित हैं, उसमें अपनी उपस्थिति से न तो आरोपी ने और ना ही उसके वकील ने इनकार किया है. इस अदालत के विचार में पर्याप्त समय तक वहां रहने का कारण स्पष्ट रूप से एक प्रश्न है. इसकी जांच की जानी चाहिए. इसके लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है.

तीस हजारी कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील अनुज त्यागी ने विभव कुमार को तीन दिन पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश सुनाया. इसके बाद कोर्ट रूम में जबरदस्त बहस हुई. विभव के वकील ने कोर्ट से कहा कि बहस पूरी होने और आदेश सुरक्षित रखे जाने के बाद जज साहब अपने चेंबर में चले गए थे. लेकिन हमने खुद देखा कि वो (सरकारी वकील) ऑर्डर सुनाए जाने से कुछ मिनट पहले तक जज साहब के चेंबर में थे. घंटा भर से ज्यादा समय तक वो वहां क्या कर रहे थे?

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विभव के वकील रजत भारद्वाज ने दावा किया कि सरकारी वकील अतुल श्रीवास्तव जज के चेंबर में पिछले करीब घंटा भर रहे. अभी-अभी हमने उन्हें आपके चेंबर से निकलते हुए देखा है. हम चाहते हैं कि कोर्ट इस तथ्य को भी अपने आदेश में रिकॉर्ड पर रखे. 

इस पर जज ने कहा कि ये मेरा ऑर्डर है. मेरा ऑर्डर मैं प्रोनाउंस करूंगा. आप अदालत पर इल्जाम लगा रहे हैं. जज ने कोर्ट से उठते हुए कहा कि ऐसा कतई नहीं है. ऐसा आपको किसने कहा? मैं तो अपना काम कर रहा था. आप जज पर यूं ही सवाल उठा रहे हैं. जज ने विभव के वकील से कहा कि मैं आपकी इस आपत्ति की दलील के रूप में अपने आदेश में दर्ज कर लेता हूं .

पुलिस हिरासत में विभव से को मिलेंगी ये रियायतें

तीस हजारी कोर्ट ने विभव को तीन दिनों के लिए पुलिस हिसारत में भेजते हुए अपने आदेश में कहा कि आरोपी को अपने वकीलों से मिलने की अनुमति दी जाएगी. वकील मो. इरशाद, करण शर्मा को पुलिस हिरासत की उपरोक्त अवधि के दौरान प्रतिदिन शाम 4.00 बजे से 6.00 बजे के बीच आधे घंटे के लिए मिलने देने अनुरोध अदालत ने स्वीकार कर लिया. इसके अलावा, अभियुक्त को उपरोक्त हिरासत के दौरान प्रतिदिन आधे घंटे के लिए अपनी पत्नी प्रियंबदा कुमारी और अपनी बेटी तृप्ति कुमारी से मिलने की भी अनुमति दी जाएगी. आरोपी की ओर से डॉक्टर द्वारा बताई गई आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए एक अलग आवेदन भी दायर किया गया है. आवेदन के साथ मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन स्लिप की प्रति भी संलग्न करने का आदेश दिया गया है. इसे ध्यान में रखते हुए, आवेदन की अनुमति दी जाती है और यह निर्देश दिया जाता है कि उसे उसके चिकित्सकीय नुस्खे के अनुसार दवाएं/उपचार दिया जाए.

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