ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ याचिका पर दिल्ली HC सख्‍त, जारी किया नोटिस

आपने टीवी और सोशल मीडिया के जरिए ऑनलाइन फार्मेसी के कई विज्ञापन देखे होंगे. लेकिन अब ऑनलाइन फार्मेसी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. 

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दिल्‍ली हाईकोर्ट (इंडिया टुडे आर्काइव) दिल्‍ली हाईकोर्ट (इंडिया टुडे आर्काइव)

दीपक कुमार / पूनम शर्मा

  • नई दिल्‍ली,
  • 05 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 10:57 PM IST

साउथ केमिस्ट डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन यानि एससीडीए को शिकायत है कि ऑनलाइन फार्मेसी में नियमों को ताक पर रखकर दवाइयों की बिक्री की जा रही है. एससीडीए ने नियमों के उल्लंघन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की है.

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और ऑनलाइन फार्मेसी चलाने वाली कंपनियों को नोटिस जारी किया है. याचिका में कहा गया है कि ऑनलाइन फार्मेसी चलाने वाली कंपनियां ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के साथ-साथ फार्मेसी एक्ट का भी उल्लंघन कर रही हैं.

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क्‍या है याचिका में

इस याचिका में मांग की गई है कि ऑनलाइन फॉर्मेसी चलाने के लिए नियमों को और कड़ा किए जाने की जरूरत है. सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी को लेकर उसके पास एक स्पष्ट पॉलिसी होनी चाहिए. ताकि यह साफ हो सके कि ऑनलाइन किन दवाइयों को बेचा जा सकता है और उसकी शर्तें क्या होंगी.

साथ ही जो ऑनलाइन फार्मेसी शर्तों का उल्लंघन करती हैं, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा सकती है. याचिका लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे को लेकर है इसलिए हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को इस मामले में हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है. याचिकाकर्ता ने यह भी बताया है कि फिलहाल जो ऑनलाइन फार्मेसी चल रही है वह सरकार की एफडीआई पॉलिसी के खिलाफ है.याचिका लगाने वाले साउथ केमिस्ट डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में कुछ उदाहरण भी रखें.

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अगली सुनवाई 25 फरवरी को

अभी देश में ऑनलाइन फार्मेसी के लिए नियम और निर्देश साफ नहीं हैं. इसी का फायदा ऑनलाइन फार्मेसी उठा रही हैं. केंद्र सरकार को ऑनलाइन फार्मेसी और ऑफलाइन फॉर्म को लेकर नियमों को और स्पष्ट करने की जरूरत है. फिलहाल इसी कमी की वजह से ऑनलाइन फार्मेसी में धड़ल्ले से नियमों की अनदेखी हो रही है. फार्मेसी एक्ट फिलहाल देश में ऑनलाइन फार्मेसी को इजाजत नहीं देता है लेकिन इसको लेकर सख्ती भी नहीं है. दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले में अब अगली सुनवाई 25 फरवरी को करेगा. 

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