दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में पुलिस ने 12 साल के बच्चे के अपहरण का खुलासा किया है. साथ ही पुलिस ने अपहरण को अंजाम देने वाले बच्चे के चाचा को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान नरेंद्र और चाचा शिवकुमार के रूप में हुई है.
अगर जल्द ही उन्हें नहीं पकड़ती तो शायद वह बच्चे को जयपुर ले जाकर हत्या कर देता. कर्ज होने की वजह से आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया था.
पुलिस ने बताया कि तीन दिन पहले बच्चे के अपहरण की सूचना स्वरूप नगर थाने में दर्ज हुई थी. कारोबारी के बच्चे की की सूचना के बाद आला अधिकारी भी मामले की गंभीरता को देखते हुए छानबीन में जुट गए.
पुलिस ने सबसे पहले सीसीटीवी खंगालने शुरू किए. इलाके के सभी सीसीटीवी देखने के बाद पुलिस की शक की सुई यूपी नंबर की एक कार पर गई. पुलिस को कार के अंतिम चार डिजिट मिले जो साफ़ नहीं दिखाई दे रहे थे. काफी मशक्त के बाद पुलिस उसके बारे में पता लगा पाई, और बाद में पता चला कि यह कार शिवकुमार नाम के शख्स की है.
पुलिस ने बताया कि शिव कुमार आगरा के फतेहाबाद में रहता है. पुलिस छानबीन करते हुए फतेहबाद पहुंची और शिवकुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि वह बच्चे के पिता बृजमोहन का दूर के रिश्ते का भाई है.
शिवकुमार ने अपने एक अन्य साथी नरेंद्र के साथ मिलकर भरत के अपहरण की योजना बनाई. भरत 3 बजे बाजार में कोई समान लेने आया तो शिवकुमार ने उसके पिता के पास फैक्टरी ले चलने के बहाने उसे अगवा कर लिया. शिवकुमार पर तीस लाख का कर्ज था, जिसकी वजह से उसने नरेंद्र के साथ मिलकर भरत के अपहरण की योजना बनाई थी.
पुनीत शर्मा / वरुण शैलेश