ट्रैक्टर परेड हिंसा पर दिल्ली HC में एक और याचिका, पुलिस पर कार्रवाई की मांग

गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक और याचिका दाखिल की गई है, जिसमें हिंसा रोकने में नाकाम पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने का आदेश देने की मांग की गई है.

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गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान कई जगहों पर हिंसा हुई (पीटीआई) गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान कई जगहों पर हिंसा हुई (पीटीआई)

पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 28 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 7:17 PM IST
  • ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा पर दिल्ली HC में 2 PIL दाखिल
  • आज की याचिका में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
  • पहली याचिका में पुलिस कमिश्नर को बर्खास्त करने की मांग

दिल्ली हाईकोर्ट में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन हुए हिंसक घटनाओं को लेकर एक और जनहित याचिका दाखिल की गई है. इस याचिका पर सुनवाई करने के लिए कोर्ट ने 1 फरवरी की तारीख तय की है. इससे पहले कल बुधवार को भी याचिका लगाई गई थी.

हाईकोर्ट में यह जनहित याचिका आज गुरुवार को दिल्ली सिटीजन फोरम फॉर सिविल राइट्स की तरफ से दाखिल की गई है जिसमें मांग की गई है कि हिंसा को रोकने में नाकामयाब रहे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया जाए.

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कोर्ट में दाखिल याचिका में यह भी कहा गया है कि जिस तरह से लाल किले पर निशान साहिब का झंडा फहराया गया और लाल किले में किसानों के प्रदर्शन के नाम पर तोड़फोड़ की गई उस पर उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की जरूरत है क्योंकि यह देश के गौरव से जुड़ा हुआ मामला है.

पुलिस कमिश्नर को बर्खास्त करने की मांग
इससे पहले कल बुधवार को भी दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव को तुरंत बर्खास्त करने और 26 जनवरी को भी हिंसक घटनाओं के मद्देनजर लाल किले की सुरक्षा के लिए पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात करने को लेकर जनहित याचिका लगाई गई थी.

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हाईकोर्ट में कल दायर की गई याचिका में कहा गया कि जिस तरह से 26 जनवरी को दिल्ली में अराजकता का माहौल दिखा, उससे यह साफ हो गया कि दिल्ली पुलिस कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में पूरी तरह से नाकाम रही. उसकी कोई प्लानिंग इस तरह की घटना से निपटने के लिए नहीं थी. 

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यह याचिका धनंजय जैन की तरफ से लगाई गई. याचिका में हाईकोर्ट से तुरंत सुनवाई की मांग की गई और कहा गया कि 28 जनवरी को याचिका को प्राथमिकता पर सुना जाए. याचिका में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को पक्षकार बनाया गया है.

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