दिल्लीः ऑनलाइन पैथोलॉजी लैब को लेकर HC में याचिका, कल होगी सुनवाई

एक डॉक्टर की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में यह याचिका लगाई गई है, जिसमें कोर्ट से कहा गया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सुनवाई की जाए. याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में बताया कि ऑनलाइन चलने वाले ये पैथोलॉजी लैब्स बॉयो मेडिकल वेस्ट के निपटारे के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं रखते हैं जो बेहद घातक है.

Advertisement
दिल्ली हाई कोर्ट दिल्ली हाई कोर्ट

पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 04 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 5:12 PM IST

  • आईसीएमआर और एनएबीएल से भी प्रमाणित नहीं
  • पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से रजिस्टर्ड भी नहीं हैं ये लैब्स
  • याचिका में दावा- कोरोना संकट में और भी खतरनाक
ऑनलाइन पैथोलॉजी लैब को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जिस पर कोर्ट कल यानी बुधवार को सुनवाई करेगा. जनहित याचिका में ऑनलाइन पैथोलॉजी लैब को दिल्ली में बंद करने के लिए कोर्ट से गुहार लगाई है. कोर्ट में यह भी बताया गया कि इस संबंध में जानकारी के लिए आरटीआई भी दाखिल की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली.

कोर्ट में दाखिल याचिका में यह भी कहा गया है कि ऑनलाइन चल रहीं ये पैथोलॉजी लैब्स को न तो आईसीएमआर से और न ही एनएबीएल (National Accreditation Board for Testing & Calibration Laboratories) से अप्रूवल हासिल है. इस तरह से ऑनलाइन चल रहे ये लैब अवैध हैं.

Advertisement

जनहित याचिका में यह भी कहा गया है कि अथॉरिटीज की स्वीकृति के बिना ये ऑनलाइन पैथोलॉजी लैब्स शहर में लोगों के ब्लड सैंपल ले रही हैं जिससे आम लोगों का जीवन खतरे में है. इसके अलावा जो लोग ब्लड सैंपल लेने जाते हैं उनके पास एजुकेशन या किसी तरह की आवश्यक डिग्री भी नहीं होती है.

एक डॉक्टर की ओर से लगाई गई इस याचिका में कोर्ट से इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सुनवाई करने की अपील की गई है. याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में बताया है कि ऑनलाइन चलने वाले ये पैथोलॉजी लैब्स बॉयो मेडिकल वेस्ट के निपटारे के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं रखती हैं जो बेहद घातक है.

कोरोना काल में और ज्यादा खतरनाक

बॉयोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के मुताबिक पैथोलॉजिकल लैब्स को राज्य के पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड या पल्यूशन कंट्रोल कमेटी के द्वारा रजिस्टर्ड होना भी जरूरी है जो ऑनलाइन चल रही पैथोलॉजिकल लैब्स के पास नहीं है.

Advertisement

इसे भी पढ़ें --- दिल्ली में कोरोना पर कंट्रोल, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन बोले- क्रेडिट कोई भी ले ले

याचिका में खासतौर से इस बात पर जोर दिया गया है कि ऑनलाइन चल रहीं ये पैथोलॉजी लैब्स इंफेक्शन को और बढ़ाने में सहायक हैं और कोविड-19 के दौर में इसके परिणाम बेहद घातक साबित हो सकते हैं. याचिका में यह भी कहा गया है कि बॉयोमेडिकल वेस्ट को यह पैथोलॉजिकल लैब खुले में ही फेंक रही हैं, जो आसपास रह रहे लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

आरटीआई से भी नहीं मिली जानकारी

कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि इस याचिका को लगाने से पहले आईसीएमआर और स्वास्थ्य मंत्रालय में एक आरटीआई भी लगाई गई थी, जिसमें ऑनलाइन चल रही पैथ लैब्स को लेकर जानकारी मांगी गई थी, लेकिन इस बारे में भी काफी वक्त बीतने के बाद आरटीआई का कोई जवाब याचिकाकर्ता को अभी तक नहीं मिल सका है.

इसे भी पढ़ें --- भूमिपूजन पर अयोध्या न आएं, गांव-घर में ही मनाएं उत्सव, ट्रस्ट की भावुक अपील

ऑनलाइन पैथोलॉजी लैब्स को लेकर याचिकाकर्ता के द्वारा आईसीएमआर को शिकायत भी भेजी गई, लेकिन उस पर भी क्या कार्रवाई हुई यह साफ नहीं हुआ जिसके बाद याचिकाकर्ता को कोर्ट में आना पड़ा जिससे ऑनलाइन पैथोलॉजिकल लैब से आम लोगों को लगातार हो रहे खतरे को रोका जा सके.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement