मानहानि केस: रामनिवास गोयल ने मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ दर्ज कराया बयान

रामनिवास गोयल ने अपने बयान में कहा कि सिरसा ने जानबूझकर मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए ट्वीट किए और ये दर्शाने की कोशिश की गई कि वो तस्वीर मेरे बेटे सुमित गोयल की कार की है. जिसपर लिखा था कि मेरे पापा विधायक हैं.

मनजिंदर सिंह सिरसा (फाइल फोटो)
पूनम शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 10 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 4:03 PM IST

  • सिरसा पर छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप
  • 21 अक्टूबर को कोर्ट में दर्ज होंगे गवाहों के बयान

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा ट्वीट करने को लेकर मानहानि के मुकदमे में रॉउज एवेन्यू कोर्ट में बयान दर्ज करवाया है. गोयल का आरोप है कि सिरसा ने किसी और शख्स को उनका बेटा बताकर गलत और भ्रामक ट्वीट्स किए, जिससे उनके सम्मान को ठेस पहुंची है. इस मामले में अब 21 अक्टूबर को गवाहों के बयान दर्ज करवाए जाएंगे.

इस मामले में रामनिवास गोयल ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवाते हुए कहा कि 15 जुलाई 2019 को सिरसा ने विवादित ट्वीट किया, लेकिन इसके बाद 19 जुलाई 2019 को लीगल नोटिस भेजने के बावजूद फिर से वही वीडियो और फोटो ट्वीट किया, ये खबरें तमाम जगह प्रकाशित हुई.

मनजिंदर सिंह सिरसा पर लगे ये आरोप

गोयल ने अपने बयान में कहा कि उनका बेटा सुमित गोयल लंदन में रहता है, सिरसा ने जिस शख्स की तस्वीर डाली है वो कोई और है. यहां तक कि ट्वीट में जो कार दिखाई गई है वो ना मेरी है और ना ही मेरे बेटे की. उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से मिली जानकारी से पता चला है कि वो कार किसी मोहम्मद कासिब के नाम पर रजिस्टर है, इस बात के प्रमाण भी कोर्ट के सामने रखे.

सिरसा ने क्या ट्वीट किया था?

रामनिवास गोयल ने अपने बयान में कहा कि सिरसा ने बिना सच जाने और परखे जानबूझकर मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए ट्वीट किए और ये दर्शाने की कोशिश की गई कि वो तस्वीर मेरे बेटे सुमित गोयल की कार की है. जिसपर लिखा था कि मेरे पापा विधायक हैं. वंशवाद का आरोप लगाते हुए सिरसा ने लिखा कि ये कार रामनिवास गोयल के बेटे की है. इतना ही नहीं, लीगल नोटिस भेजने के बाद भी सिरसा ने ट्विट्स जारी रखे और मेरा मजाक हुए कहा कि मानहानि का नोटिस वो लोग भेज रहे हैं, जिनका समाज में मान ही नहीं है.

कोर्ट से की सजा की अपील

गोयल ने कहा कि इस तरह के बदनामी भरे ट्वीट्स को मेरे मित्र, संबंधी, जानकर और दूसरे लोगों ने भी पढ़ा और मुझे बताया, मैं समाज में एक प्रतिष्ठित और समाज सेवी व्यक्ति हूं, समाज कल्याण के बहुत सारे कामों से जुड़ा हूं, समाज और राजनीति में मेरी काफी इज्ज़त है, लेकिन इस तरह के आपत्तिजनक और गलत  ट्विट्स करने से मेरे सम्मान को नुकसान पहुंचा है. मैं कोर्ट से दरख्वास्त करता हूं कि आरोपी ने जिस तरह से जानबूझकर, गलत मंशा से ये भ्रामक ट्वीट्स किए हैं, इसके लिए उनको कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए.

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