दिल्ली के लोग मोबाइल पर अक्सर कॉल ड्रॉप से परेशान रहते हैं. अब यह मुश्किल और बढ़ने वाली है. असल में एमसीडी ने 566 मोबाइल टावर सील कर दिए हैं. इससे इंटरनेट भी स्लो होने की आशंका है.
टावर ऐंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (TAIPA) ने कहा कि दिल्ली में करीब 11,500 मोबाइल टावर हैं और कॉल ड्रॉप की समस्या को दूर करने के लिए अभी 1,150 टावर और लगाने की जरूरत है. लेकिन इसकी इजाजत तो देना दूर की बात है, एमसीडी ने सैकड़ों टावर सील करने का जो निर्णय लिया है उससे समस्या और बढ़ेगी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, TAIPA ने एक बयान में कहा, 'नगर निगम के पास 48 करोड़ रुपये की फीस जमा होने के बावजूद टावर सील किए जा रहे हैं. एमसीडी के इस कदम से टेलीकॉम कारोबार पर तो असर होगा ही, ग्राहकों की बढ़ती डेटा जरूरतों के समाधान पर भी असर पड़ेगा.'
TAIPA के महानिदेशक तिलक राज दुआ ने कहा, 'इस तरह के कदम से इंटरनेट स्पीड धीमी होगी, नेटवर्क कंजेशन बढ़ेगा और कॉल ड्रॉप जैसी समस्याएं बढ़ेंगी.'
गौरतलब है कि टावर कंपनियों से लेने वाले फीस को लेकर एमसीडी और टेलीकॉम कंपनियों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था. दुआ ने कहा कि इस बारे में MCD के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं और समस्या पिछले आठ साल से बनी हुई है.
दिल्ली टावर नीति 2010 को टेलीकॉम इंडस्ट्री ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है. इस नीति में कहा गया है कि पांच साल तक के लिए 5 लाख रुपये परमीशन फीस देनी होगी और लोकेशन शेयरिंग के लिए प्रति सर्विस प्रोवाइडर 1 लाख रुपये देने होंगे.
दिनेश अग्रहरि