दिल्ली में सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी की चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा का पार्टी के खिलाफ लगातार बगावती तेवर बरकरार है. एक दिन पहले आम आदमी पार्टी के साथी विधायक सौरभ भारद्वाज के साथ ट्विटर पर घंटों चली तीखी नोंकझोक के बाद उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से पूछा है कि क्या उन्हें आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे देना चाहिए.
अलका लांबा ने बुधवार को जामा मस्जिद के बाहर लोगों को संबोधित करते हुए पूछा कि क्या उन्हें आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि आम आदमी पार्टी बार-बार उनके इस्तीफे की मांग कर रही है और वह इस बारे में लोगों से राय लेना चाह रही थीं.
नाराज विधायक ने अपने निर्वाचन के लोगों के सामने अपनी बात रखते हुए कहा, 'मैं बीजेपी के खिलाफ लड़ रही हूं, लेकिन कुछ लोग मेरे खिलाफ लड़ रहे हैं. मेरी पार्टी के लोग मुझसे बार-बार इस्तीफा देने के लिए कह रहे हैं. मैं जानना चाहती हूं कि मेरी गलती क्या है. मुझे इस्तीफा क्यों देना चाहिए? मैं चाहती हूं कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र चांदनी चौक के लोग तय करें कि मुझे 'आप' से इस्तीफा देना चाहिए या नहीं.'
बता दें कि मंगलवार को कांग्रेस की ओर से जारी घोषणापत्र के बाद जब इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अलका लांबा ने ट्वीट किया और इसके जरिए अपनी ही पार्टी (आम आदमी पार्टी) के दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग पर सवाल उठा दिया था. इस पर पार्टी के साथी विधायक सौरभ भारद्वाज चिढ़ गए और अलका लांबा पर जमकर प्रहार करने लगे. दोनों के बीच ट्विटर पर लंबी बहस हुई. सौरभ ने अलका लांबा से कांग्रेस में जाने की नसीहत दे डाली. इस नसीहत से नाराज अलका लांबा ने सौरभ भारद्वाज को जामा मस्जिद गेट नंबर 1 पर बुलाया था.
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