फैक्ट चेक: 36 घंटे तक जबरन सेक्स करने की आरोपी ये महिला बीकानेर की नहीं, जर्मनी की थी

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि राजस्थान के बीकानेर की एक महिला जब एक पुरुष के साथ 36 घंटे सेक्स करने के बाद भी संतुष्ट नहीं हुई तो पुरुष ने किसी तरह पुलिस बुलाकर अपनी जान बचाई. आजतक ने जब इस दावे की सच्चाई पता की तो कुछ और ही बात सामने आई.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
बीकानेर की एक महिला जब एक पुरुष के साथ 36 घंटे सेक्स करने के बाद भी संतुष्ट नहीं हुई तो पुरुष ने किसी तरह पुलिस बुलाकर अपनी जान बचाई.
सच्चाई
ये घटना साल 2012 में जर्मनी में हुई थी. वायरल हो रहे अखबार के स्क्रीनशॉट को एडिट करके इसमें म्यूनिख की जगह बीकानेर लिख दिया गया है.

ज्योति द्विवेदी

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 9:54 PM IST

सोशल मीडिया पर एक खबर , जिसमें कहा गया है कि बीकानेर में सेक्स के पीछे पागल एक औरत से पीछा छुड़ाने के लिए एक आदमी को पुलिस बुलानी पड़ी.

ऐसा कहने वाले सबूत के तौर पर एक कथित अखबार का स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं जिसकी हेडलाइन है, '36 घंटे सैक्स करने पर भी नहीं हुई संतुष्ट, मर्द ने पुलिस बुला छुड़ाई जान'.

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नीचे खबर में पूरा मामला बताया गया है. लिखा है कि बीकानेर के नरेश नाम के एक शख्स को किसी बार में एक औरत मिली. मुलाकात के बाद वो उसे अपने अपार्टमेंट में ले गई. वहां दोनों ने 36 घंटे तक सेक्स किया. लेकिन जब इसके बाद भी वो औरत संतुष्ट नहीं हुई तथा और सेक्स करने की जिद करने लगी तो मजबूरन नरेश को पुलिस को बुलाना पड़ा. पुलिस ने उस महिला को गिरफ्तार कर लिया. 

साथ ही, एक महिला की तस्वीर भी लगी है.

इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि ये स्क्रीनशॉट एडिटेड है. असली स्क्रीनशॉट साल 2012 की जर्मनी में घटी एक घटना से संबंधित है.

बीकानेर में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है.

 कैसे पता लगाई सच्चाई?

कीवर्ड सर्च के जरिये तलाशने पर हमने पाया कि वायरल स्क्रीनशॉट कम से कम साल 2015 से पर शेयर हो रहा है. हमें साल 2015 की एक ऐसी पोस्ट भी मिली जिसमें खबर के साथ लगी हुई है.

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थोड़ी और खोजबीन करने पर हमें साल 2012 की एक जो वायरल स्क्रीनशॉट वाली खबर से काफी मिलता-जुलता है. फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें लिखा है कि ये घटना जर्मनी के म्यूनिख शहर में हुई थी और पीड़ित पुरुष दक्षिण अफ्रीका का शुल्ज नाम का शख्स था. इस रिपोर्ट में महिला की उम्र 47 वर्ष बताई गई है. इसके अलावा, यहां खबर के साथ किसी महिला की नहीं बल्कि किसी दंपति के पैरों की तस्वीर लगी है.

अगर आप दोनों की तुलना करें तो समझ जाएंगे कि स्क्रीनशॉट को एडिट करके 'जर्मनी के म्यूनिख' की जगह 'बिकानेर दन्तौर', 'दक्षिण अफ्रीका के 43 वर्षीय शुल्ज' की जगह 'बिकानेर क्षेत्र के 25 वर्षीय नरेश' और '47 वर्ष की महिला का कारनामा' की जगह '23 वर्ष की महिला का कारनामा' कर दिया गया है.

इन जानकारियों की मदद से सर्च करने पर हमें 'द मिरर' की 25 सितंबर, 2012 की मिली. इस रिपोर्ट में इस घटना के बारे में विस्तार से बताया गया है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस घटना में दक्षिण अफ्रीका के 43 वर्षीय युवक ने पुलिस में एक महिला की शिकायत की थी. इस महिला को निम्फोमैनिया नाम की समस्या थी, जिसमें सेक्स की लत लग जाती है. पुलिस के आने के बाद इस महिला को मनोचिकित्सक के पास भेजा गया था. इससे पहले भी ये महिला इसी तरह के एक दूसरे मामले में गिरफ्तार हो चुकी थी, जब उसने एक शख्स को 8 बार शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था.

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साल 2012 में कई छपी थीं.

हमें बीकानेर के दंतौर में घटी इस तरह की किसी घटना से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली. और जानकारी पाने के लिए हमने 'आजतक' के बीकानेर संवाददाता अपर्णेश गोस्वामी से संपर्क किया. उन्होंने हमें बताया कि वहां इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है. वो कहते हैं, 'दंतौर, बीकानेर का एक छोटा-सा गांव है. वायरल खबर में लिखा है कि महिला, पीड़ित पुरुष को अपने अपार्टमेंट में लेकर गई. लेकिन दंतौर में अपार्टमेंट जैसी कोई चीज ही नहीं है.'  

कुल मिलाकर बात साफ है, जर्मनी की एक पुरानी घटना को बीकानेर के दंतौर का मामला बताकर पेश किया जा रहा है.

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