Agenda Aaj Tak 2024: भारत की मेजबानी में अगले साल 13 से 19 जनवरी तक खो-खो विश्व कप होने वाला है. खो-खो विश्व कप पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं. एजेंडा आजतक के दूसरे दिन 'खो-खो की धूम' सेशन रखा गया था. इसमें प्रतीक वायकर, नसरीन शेख और सुधांशु मित्तल शामिल हुए. सुधांशु मित्तल अंतराष्ट्रीय खो-खो फेडरेशन एवं भारतीय खो-खो फेडरेशन के अध्यक्ष हैं. जबकि नसरीन और प्रतीक वाईकर खो-खो खिलाड़ी हैं.
सुधांशु मित्तल ने इस दौरान कहा, 'खो-खो माटी से जुड़ा खेल है. जब मैं लोगों से इस खेल का जिक्र करता हूं तो आंखों में चमक आ जाती है. ये खेल काफी पॉपुलर है. पहले ये खेल मिट्टी पर आया, फिर मैट पर आया. मैट से इसकी सुगंध अब ये खेल 55 देशों में फैल चुकी है. अगले साल अंत तक ये खेल 90 देशों में खेला जाएगा. इसकी ख्याति किसी खेल के मुकाबले कम नहीं होने जा रही है.'
'खो-खो को मिल रहा क्रिकेट जैसा सपोर्ट, बदली जिंदगी'
अर्जुन अवॉर्डी खिलाड़ी और महिला टीम की कप्तान नसरीन ने कहा, 'हमारे घर की आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं थी कि मैं किसी दूसरी खेल को खेलूं. इसी चलते मैंने इस खेल को चुना. आज में इंडिया की कैप्टन हूं. फेडरेशन सपोर्ट कर रहा है, मीडिया सपोर्ट कर रही है. जो सपोर्ट क्रिकेट को मिल रहा है, वहीं अब इस गेम को मिल रहा है. खो-खो से ही मुझे पहचान मिली है. अब लोग मेरे साथ भी सेल्फी लेते हैं. इस खेल ने मुझे पहचान दिलाई है.'
सुधांशु मित्तल कहते हैं, 'जो दिखता है वो बिकता है. खो-खो की जब लीग चालू हुई तो सीजन 2 के आखिरी में 22 करोड़ इंगेजमेंट (engagement) था. खो-खो विश्व कप में 24 देशों की 41 टीमें भाग ले रही हैं. इसमें अमेरिका, अर्जेंटीना, ब्राजील, युगांडा, जर्मनी की टीमें भी आ रही हैं. पाकिस्तान का तो जिक्र करना भूल गया. पाकिस्तान भी है. ईरान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया भी शामिल है.
उधर प्रतीक वायकर कहते हैं, 'एथलेटिक्स में स्पीड बढ़ाने के लिए जो ट्रेनिंग की जाती है, वैसी ही ट्रेनिंग हम इस खेल में करते हैं. स्किल के लिए हम इस गेम की बेसिक्स पर फोकस करते हैं.'
बता दें कि खो-खो वर्ल्ड कप के मद्देनजर भारतीय पुरुष और महिला टीम का प्रशिक्षण शिविर मंगलवार से जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में शुरु हुआ था. इस शिविर के लिए 60 पुरुष और इतनी ही महिला खिलाड़ियों को चुना गया है. शिविर में प्रदर्शन के आधार पर ही 13 से 19 जनवरी तक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होने वाले खो-खो विश्व कप के लिए भारतीय टीम का चयन किया जाएगा.
राष्ट्रीय टीम मुख्य कोच अश्विनी शर्मा की देखरेख में एक महीने तक चलने वाले इस शिविर में खिलाड़ियों में टीम भावना विकसित करने करने के साथ कौशल बढ़ाने, मानसिक मजबूती और अनुशासन बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा.इस शिविर के प्रदर्शन के आधार पर विश्व कप में भाग लेने के लिए 15 पुरुष और 15 महिला खिलाड़ियों की राष्ट्रीय टीमों का चयन किया जाएगा.'
aajtak.in