अक्षरा सिंह बिग बॉस ओटीटी में अपने भोजपुरी स्वैग के साथ प्रवेश कर चुकी हैं. डिजिटल स्ट्रीम पर आते ही शो में भरपूर ड्रामा भी शुरू हो गया है. पिछले ऐपिसोड में अक्षरा खाना नहीं खाने का डिसीजन लेते हुए नजर आई थीं.
ऐसे में खाना और उसे बनाने पर हुई लड़ाई अक्षरा सिंह के पिताजी इंद्रजीत सिंह कहते हैं, 'मैं रोजाना शो फॉलो कर रहा हूं. अक्षरा अभी खुली नहीं है. बिहार की है वो, धीरे-धीरे वो खुल रही है, तरीकेकार सीख रही है. आगे उसे देखकर लोग इंजॉय करेंगे. रही बात खाने की, तो वो थोड़ी जिद्दी है. अगर उसके दिमाग में यह बात घर कर गई है, तो वो खाएगी ही नहीं. फिर बिग बॉस को ही खाना भिजवाना पड़ेगा.'
भूखे इंसान को दुनियादारी की बातें नहीं समझ आती
इंद्रजीत आगे कहते हैं, 'देखिए खाना, तो हमारी जरूरतों में शुमार हैं न, उसी के लिए जी रहे हैं. अगर सुबह नाश्ता न मिले, तो जाहिर है इंसान इरीटेट होगा. ऊपर से आप उसे दुनियादारी की बातें समझाने लगें. आदमी सब चीज बर्दाश्त कर लेता है लेकिन भूख से समझौता मुश्किल है. एक दो दिन फिर भी चला ले, लेकिन ऐसा रहा, तो दिक्कत होने पर इंसान अपनी बात रखेगा ही.'
मेरा बच्चा खाया नहीं, गुस्सा आता है
इंद्रजीत कहते हैं, 'एक पिता होने के नाते गुस्सा तो बहुत आता है कि बच्चे ने खाना नहीं खाया है. इरीटेट भी हूं. यहां से न ही समझा सकते हैं और न ही खिला सकते हैं. लेकिन सही और गलत के बीच फर्क तो बता ही सकते हैं. ठीक है आपने खा लिया है, तो आप बातें घुमाकर समझा रहे हो लेकिन सामने वाला तो भूखा है न. ये दिक्कत केवल अक्षरा के साथ नहीं है वहां उसकी जगह कोई भी होगा, ऐसा ही करेगा. '
थर्ड क्लास कल्चर है यह तो
शमिता शेट्टी अक्षरा को यह समझाती नजर आती हैं कि वे खुद बनाए और खा लिया करें किसी से शेयर न करें. ऐसे में शमिता सजेशन पर इंद्रजीत कहते हैं 'देखिए हमारे यहां यही संस्कार है कि हम मिल बांटकर खाना खाया करते हैं. अब शेट्टी उन्हें ज्ञान दे रही हैं कि अपना बनाओ और खाओ. अगर किसी ने बनाया है और कोई बीच में जाकर खा ले, तो हमारे संस्कार में उसे रोक नहीं सकते हैं. यह तो थर्ड क्लास कल्चर है कि भई खाना मत लो, मैं बना रही हूं. ये तो पूरी तरह स्वार्थ है. ये वो ही लोग कर सकते हैं, जो स्वार्थी हैं. या फिर उन्हें ज्ञान नहीं है, वे गधे हैं. दो-चार अंग्रेजी बोल लेने से खुद को इंटेलेक्चुअल समझ लेते हैं. वहीं हम भोजपुरिया लोग है, अंग्रेजी कम बोलेंगे, लेकिन बात सही करते हैं.'
मेरी बेटी किसी को छोड़ने वाली नहीं
बाकी हाउसमेंबर के बारे में बात करते हुए इंद्रजीत कहते हैं, 'प्रतीक और दिव्या को देखकर गुस्सा आ रहा है. ये दोनों की लड़ाई देखकर लग रहा है स्क्रिप्ट लिखी गई है. ये बेमतलब का हो-हल्ला कर रहे हैं. मैंने देखा है दिव्या प्रतिक को डोमिनेट करने की कोशिश कर रही है. प्रतीक थोड़ा इरीटेटिंग स्वाभाव का भी है. लेकिन घर पर जब कुत्ता भौंकता है, तो आप उसे भौंक कर जवाब तो नहीं देते हैं. अगर आप भी भौंक रहे हैं, तो आप में और कुत्ते में क्या फर्क. हो सकता है ये बिग बॉस की प्लानिंग है. देखिए इरिटेशन सिचुएशन से क्रिएट होते हैं, मेरी बेटी का इरीटेट होना जेन्युइन है.अक्षरा जब चिल्लाती है, तो हम मां-बाप उसे संभाल नहीं पाते हैं. उसके स्वाभाव में है कि वो गलत का साथ कभी नहीं देती है. फिलहाल वो लिहाज कर रही है. लेकिन जबरदस्ती कोई उंगली करेगा, तो वो लड़ाका है किसी को छोड़ने वाली है नहीं. '
नेहा वर्मा