रामायण: मुश्किल था अरुण गोविल के लिए शबरी के बेर खाना, मीठे नहीं खट्टे थे बेर

सुनील लहरी ने बीते एपिसोड को लेकर कुछ रोचक किस्से ट्विटर पर वीडियो के जरिए शेयर किए हैं. उन्होंने दारा सिंह के साथ शूटिंग करने को लेकर एक रोचक किस्सा शेयर किया.

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एक्टर अरुण गोविल एक्टर अरुण गोविल

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2020,
  • अपडेटेड 3:58 PM IST

बॉलीवुड एक्टर सुनील लहरी पॉपुलर टीवी शो रामायण की वजह से इन दिनों सुर्खियों में चल रहे हैं. लॉकडाउन में वे सोशल मीडिया के जरिए प्रशंसकों से मुखातिब होते हैं और सीरियल से जुड़ी रोचक बातें शेयर करते हैं. इन दिनों एक्टर स्टार प्लस पर चल रहे सीरियल रामायण के री टेलिकास्ट को लेकर बीते एपिसोड्स से जुड़ी कुछ यादें साझा करते नजर आ रहे हैं. हाल ही में एक्टर ने शबरी के बेर और दारा सिंह से जुड़ा किस्सा शेयर किया है.

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सुनील लहरी ने बीते एपिसोड को लेकर कुछ रोचक किस्से ट्विटर पर वीडियो के जरिए शेयर किए हैं. उन्होंने बताया कि जब सीरियल में शबरी की एंट्री हुई उस दौरान बेर का सीजन नहीं था. और शूटिंग में बेर की जरूरत थी. बेर की तलाश की जाने लगी. बड़ी मुश्किल से बेर का इंतेजाम हुआ मगर सीजन ना होने की वजह से बेर खट्टे थे और वैसे नहीं थे जैसे अमूमन सीजन के दौरान पाए जाते हैं. अब वही खट्टे बेर खाकर हमें पॉजिटिव एक्सप्रेशन देना था जो बहुत चैलेंजिंग था. मैं तो किसी तरह कर गया था शूटिंग मगर अरुण गोविल जी को वो कच्चे बेर खा कर पॉजिटिव एक्सप्रेशन्स देने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था.

इसके बाद सुनील लहरी ने बताया कि शो में जब दारा सिंह की एंट्री हुई और उनके साथ शूट करने की बारी आई तो सुनील उनके सामने एक्टिंग नहीं कर पाए. सुनील ने कहा कि वे बचपन से ही दारा सिंह के बहुत बड़े फैन थे. जब दारा सिंह उनके सामने आए तब वे उन्हें बस देखते ही रह गए. वे उनकी पर्सनालिटी के मुरीद हो गए और उनका ध्यान एक्टिंग से पूरी तरह से हट गया. वे एक्टिंग कर ही नहीं पा रहे थे.

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जब पड़ोसी बन गए टीवी के लक्ष्मण और हनुमान

बता दें कि बाद में दारा सिंह और सुनील लहरी में दोस्ती काफी गहरी हो गई. यहां तक की दोनों एक दूसरे के पड़ोसी भी बन गए थे. सुनील लहरी ने e- साहित्य इवेंट के दौरान इस बारे में बताया था कि किस तरह से दारा सिंह को देखने और उनका ऑटोग्राफ लेने के लिए बहुत सारे प्रशंसक उनके घर आते थे. जब लोगों को पता चलता था कि रामायण के लक्ष्मण भी यहीं रहते हैं तो लोग सुनील लहरी से भी मिलने आते रहते थे और उनका ऑटोग्राफ लेते थे.

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