हिंदी सिनेमा के गुजरे दौर में कई ऐसी फिल्में बनीं जिन्हें हिंदी सिनेमा में बेमिसाल माना जाता है. 1983 में आई डायरेक्टर कुंदन शाह की फिल्म जाने भी दो यारों ऐसी ही एक फिल्म है. इस क्लासिक कॉमेडी को 36 साल पूरे हो गए हैं. फिल्म की कहानी दो फोटोग्राफर्स के इर्द-गिर्द घूमती है जो अनजाने में एक मर्डर को अपने कैमरे में कैद कर लेते हैं.
मर्डर का नाम सुनकर आपको फिल्म के कॉमेडी कनेक्शन पर शक हो सकता है, मगर कुंदन शाह ने अपने शानदार डायरेक्शन का बखूबी इस्तेमाल किया और कॉमेडी सहित एक डार्क स्टायर मूवी तैयार की. इस फिल्म को नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NFDC) ने प्रोड्यूस किया था.
नौ मुख्य स्ट्रगलिंग कलाकारों को साथ लेकर बनाई गई यह फिल्म लोगों को खूब पसंद आई. फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, रवि वासवानी, भक्ति बार्वे, सतीश शाह, ओम पुरी, पंकज कपूर, सतीश कौशिक, नीना गुप्ता और अशोक बंथिया ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं.
एक इंटरव्यू के दौरान नसीरुद्दीन ने बताया था कि इस फिल्म की सफलता उन सबके लिए बहुत मायने रखती है, क्योंकि उस वक्त सभी स्ट्रगलर्स थे.
फिल्म की शूटिंग के लिए वे लोग 24-24 घंटे तक काम करते थे. इस फिल्म को लेकर नसीर को पहले लगता था कि यह उनका सबसे बेवकूफी भरा काम है. वे उस वक्त मेथड एक्टिंग में थे और अक्सर कुंदन से सीन्स के लॉजिक पर लड़ पड़ते थे.
खैर, फिल्म रिलीज हुई और इस फिल्म ने सभी स्ट्रलिंग कलाकारों को पहचान दी. फिल्म को ऑडियंस ने सराहा, खासकर इसके महाभारत वाले सीन की काफी तारीफ हुई. फिल्म को साल 2012 में पूरे देश में री-रिलीज किया गया. डायरेक्टर कुंदन शाह को 1984 में इस फिल्म के लिए इंदिरा गांधी अवॉर्ड से सम्मानित गया. एक्टर रवि वासवानी को इस फिल्म के लिए बेस्ट कॉमेडियन फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था.
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