पिता करते थे प्रिंटिंग का काम, बेटी ने देश को दिलाया पहला ऑस्कर

आपको जानकर हैरानी होगी कि देश को पहला ऑस्कर एक्टिंग या डायरेक्शन के लिए नहीं बल्कि कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग के लिए मिला था

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भानू अथैया भानू अथैया

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 9:38 AM IST

आपको जानकर हैरानी होगी कि देश को पहला ऑस्कर एक्टिंग या डायरेक्शन के लिए नहीं बल्कि कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग के लिए मिला था. साल 1983 के ऑस्कर अवार्ड भारत के लिए बेहद खास थे. इसके पीछे वजह ये थी कि पहली बार एक महिला ने देश के लिए ऑस्कर जीता था, जिसका नाम था भानु अथैया.

कॉस्टयूम डिजाइनर भानु अथैया का जन्म 28 अप्रैल साल 1929 के दिन हुआ था. आज वह 90 साल की हो गई हैं. उनका पूरा नाम भानुमति अन्नासाहेब राजोपाध्येय है. भानु को बचपन से ही ड्रॉइंग का शौक था. भानु ने इंटरनेशनल फिल्म 'गांधी' के लिए कॉस्ट्यूम डिजाइन किया था और उनके काम को दुनिया भर में सराहा गया था. रिचर्ड एटनबरो की यह फिल्म गांधी और उनके कामों पर आधारित थी.

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भानु का पूरा नाम भानुमति अन्नासाहेब राजोपाध्याय है. उनका जन्म महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ. अपनी सात बहनों में वह तीसरे नंबर की थीं. भानु के पिता का नाम अन्नासाहेब था और वह प्रिंटिंग का काम करते थे. भानु के पिता तभी गुजर गए जब वह महज 9 साल की थीं. पिता का काम कला से जुड़ा था और भानु का कला के क्षेत्र में रुझान शुरू से था.

भानु ने कला के क्षेत्र में शिक्षा बचपन से ही शुरू कर दी थी. कला के एक अध्यापक उन्हें पढ़ाने के लिए घर आया करते थे. बाद में अपनी स्कूली शिक्षा खत्म करने के बाद उन्होंने मुंबई के सर जे.जे.स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला ले लिया. यहां से उन्होंने फाइन आर्ट में स्नाकत की पढ़ाई पूरी की और गोल्ड मैडल जीता. भानु ने कई वुमेन्स मैगजीन्स में फैशन इलस्ट्रेटर का भी काम किया.

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