Movie Review: 'फ्रीकी अली' अच्छी फिल्म बनते बनते रह गई

अभिनेता-निर्देशक सोहेल खान की फिल्म 'फ्रीकी अली' रिलीज हो गई है. आइए जानते हैं कैसी है ये फिल्म...

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'फ्रीकी अली' में नवाजुद्दीन सिद्दीकी 'फ्रीकी अली' में नवाजुद्दीन सिद्दीकी

सिद्धार्थ हुसैन

  • नई दिल्ली,
  • 10 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 2:41 PM IST

फिल्म का नाम: फ्रीकी अली
डायरेक्टर: सोहेल खान
स्टार कास्ट: नवाजुद्दीन सिद्दीकी, एमी जैक्सन, अरबाज खान, जस अरोड़ा, सीमा बिस्वास
रेटिंग: 2 स्टार

अभिनेता-निर्देशक सोहेल खान की ये पहली फिल्म है जिसमें उनके भाई सलमान खान बतौर अभिनेता नहीं हैं. इस फिल्म में सोहेल ने किसी बड़े हीरो के बजाय बेहतरीन एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी को मुख्य किरदार निभाने के लिए चुना है. लीक से हटकर सोहेल का ये कदम यानी 'फ्रीकी अली' कैसी है, आइए जानते हैं.

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कहानी:
फिल्म की कहानी अनाथ अली की है जिसे मराठी औरत ने पाला और बड़ा किया. चड्ढी बेचने से लेकर हफ्ता वसूली, अली अपनी मां को खुश करने के लिए सबकुछ करता है लेकिन सफलता उसके हाथ नहीं लगती फिर एक दिन तकदीर उसे गोल्फ क्लब ले जाती है और मोहल्ले में गली क्रिकेट खेलने वाले अली का जौहर उसके अपने पहचानते हैं. फिर जब एहसास होता है कि गोल्फ ही उसकी मंजिल है तो वो तमाम परेशानियों को पार कर गोल्फ चैम्पियन बनता है या नहीं, ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी.

स्क्रिप्ट:
इंटरवल तक फिल्म काफी हद तक बांधे रखती है. फिल्म में ऐसे कई मौके आते हैं जहां आप हंसने पर मजबूर हो जाएंगे. नवाज ने चड्ढी वाला मोनो लॉग बखूबी निभाया है. साथ ही कई और सीन्स हैं जिसमें उनकी कॉमिक टाइमिंग लाजवाब है. लेकिन एक तरफ अली दिलचस्प हैं तो दूसरा प्लॉट जहां अंडरवर्ल्ड को मजाकिया अंदाज में दिखाया गया है. वहीं, जबरदस्ती के जोक्स डाले गए हैं जो आपको बोर करता है और ऐसा लगता जैसे टीवी का कोई कॉमेडी शो चल रहा हो. इंटरवल के बाद फिल्म की गति बहुत धीमी हो जाती है और फिल्म खत्म होते होते लगता है अब हीरो को जिता कर फिल्म खत्म करिए.

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अभिनय:
नवाजुद्दीन सिद्दीकी बेहतरीन एक्टर हैं और वो पूरी तरह से किरदार में है लेकिन यही बात बाकी कलाकारों के लिए नहीं कह सकते. जस अरोड़ा गोल्फर तो लगते हैं लेकिन जब डायलॉग बोलते हैं तो सारा वजन खत्म हो जाता है. एमी जेक्सन नाम मात्र सिर्फ गाने के लिए रखी गई हैं. अरबाज खान और जैकी श्रॉफ भी कुछ खास काम नहीं कर सके. कुल मिलाकर नवाज जैसे कलाकार को फिल्म अपने कंधे पर उठाने पड़ती है. सिर्फ नवाज की अदायगी के लिए ये फिल्म देखी जा सकती है.

कमजोर कड़ी:
फिल्म का संगीत, कमजोर सेकेंड हाफ और और नवाज के अलावा सभी का बुरा अभिनय जिसके लिए जिम्मेदार हैं निर्देशक सोहेल खान .

मजबूत कड़ी:
नवाज...नवाज...और सिर्फ नवाज

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