फिल्मी पर्दे पर हमेशा जोश में दिखाई देने वाले एक्टर शरमन जोशी रियल जिंदगी में शांत स्वाभाव के इंसान हैं और कम बोलना ही पसंद करते हैं. 'स्टाइल’, ‘XCUSE ME’, 'गोलमाल’ और ‘3 इंडियट्स’ जैसी तमाम फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में जगह बनाने के बाद शरमन जोशी अब 28 अगस्त या कहें फिल्मी फ्राइडे के दिन OTT प्लेटफॉर्म Shemaroo Me Box Office पर धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दे के साथ फिल्म The Least of These: The Graham Staines Story में बतौर लीड नजर आने वाले हैं.
क्यों चुनी शरमन ने ये फिल्म?
हम आपको बता दें कि ये फिल्म एक सत्य घटना पर आधारित है जो ओड़िसा में घटित हुई थी. इसमें एक चर्च के पादरी समेत उसके दो बच्चों को जलाकर मार डाला गया था. फिल्म पर बात करते हुए शरमन जोशी ने कहा, ‘मैंने ये फिल्म कमर्शियल प्वॉइंट ऑफ व्यू से कम और भावात्मक रूप से प्रभावित होकर की है. हालांकि, मैं धर्म परिवर्तन जैसी चीजों का पक्षधर नहीं हूं लेकिन अगर कोई अपने मन से अपना धर्म परिवर्तन करना चाहता है तो वो उसकी इच्छा है. जबरदस्ती किसी को पैसों का लालच देकर या किसी और तरह का लालच देकर अगर कोई किसी का धर्म परिवर्तन करवा रहा है तो वो अच्छी बात नहीं है.’
फिल्म ‘3 इडियट्स’ के पार्ट 2 को लेकर भी शरमन जोशी ने बात की. उन्होंने कहा, ‘फैन्स की तरह मुझे भी लगता है कि ‘3 इडियट्स’ का पार्ट 2 बनना चाहिए और मैं उम्मीद करता हूं कि राजू सर इसका पार्ट 2 बनाएंगे. हालांकि, फिलहाल अभी इस तरह की कोई बात नहीं चल रही है.’
अवॉर्ड्स फंक्शन को लेकर क्या है शरमन की सोच?
आजकल अवॉर्ड्स फंक्शन में अवॉर्ड्स दिए जाने को लेकर जो विवाद चल रहा है उस पर भी शरमन ने बात की. शरमन जोशी ने कहा, ‘मैं अभी हाल ही में एक अवॉर्ड फंक्शन में गया था क्योंकि मेरे ससुर जी को लाइफ टाइम अचिवमेंट अवॉर्ड दिया गया था. इसके अलावा मैं अवॉर्ड फंक्शन से दूर रहना ही पसंद करता हूं. मेरे काम को अगर अवॉर्ड के लायक नहीं समझा जाता है तो मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि मेरे मन में भी इन अवॉर्ड फंक्शन के लिए कोई खास इज्जत नहीं है. मुझे नहीं लगता कि फिल्म इंडस्ट्री में कोई ऐसा अवॉर्ड फंक्शन है जो वाकई निपष्क्षता से काम करता है.’
जयदीप शुक्ला