बॉलीवुड ने पिछले साल संगीत की दुनिया के दिग्गज कलाकार म्यूजिक डायरेक्टर वाजिद खान को खो दिया था. उनके निधन के बाद वाजिद की पत्नी कमालरुख खान को पारिवारिक तौर पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कमालरुख ने वाजिद के भाई साजिद खान और उनकी मां के खिलाफ प्रॉपर्टी के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है.
वाजिद खान ने 2012 में वसीयतनामा तैयार किया था, जिसपर कमालरुख का दावा है कि उस वसीयतनामे में वाजिद ने बेनिफिशियरी के तौर पर पत्नी और बच्चों का नाम रखा था. इस प्रोबेट पेटीशन के साथ कमालरुख ने अंतरिम राहत की भी याचिका दायर की है. इस याचिका में वाजिद की मां और भाई साजिद को संपत्ति से अलग करने या संपत्ति में किसी तीसरी पार्टी को बनाने से रोकने पर स्थायी आदेश देने की अपील की है. उन्होंने इस संपत्ति में अपने और बच्चों के अधिकार को सुरक्षा देने की मांग की है.
वाजिद-कमलरुख का नहीं हुआ था तलाक!
वाजिद खान भाई साजिद के साथ एक कामयाब म्यूजिक कंपोजर बन चुके थे. 20 साल के करियर में उन्होंने अच्छी-खासी कमाई की और दोनों ने ज्वाइंट तरीके से कई प्रॉपर्टीज खरीदे. जबकि कमालरुख का दावा है कि 2003 में उन्होंने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की लेकिन वाजिद के घरवालों ने उन्हें या उनके बच्चों को कभी परिवार का सदस्य नहीं माना. धर्म परिवर्तन को लेकर लगातार मिल रहे दबाव के कारण कमलरुख और वाजिद बच्चों के साथ अलग रहने लगे. परिवार में फूट पैदा हुई और 2014 में वाजिद ने पत्नी से तलाक मांग लिया था. 2017 में कपल ने कुछ शर्तों के आधार पर तलाक की अर्जी दी थी पर तलाक नहीं मिली, फिर 2021 में उनकी याचिका खारिज कर दी गई.
कमलरुख ने किया वाजिद द्वारा मेन्टेनेंस और प्रॉपर्टीज देने का किया दावा
पत्नी का कहना है कि उनके पति वाजिद ने उनके और उनके बच्चों को मेन्टेनेंस देने की शर्त के अलावा कुछ प्रॉपर्टीज भी तोहफे के तौर पर देने की बात पर राजी थे. कमलरुख, वाजिद के साथ उनके अकाउंट में ज्वाइंट अकाउंट होल्डर थीं.
उन्होंने कहा कि जून 2020 में वाजिद के निधन के बाद साजिद ने सभी प्रॉपर्टीज और अकाउंट मैनेजर्स से संपर्क कर, कमालरुख खान के कॉल्स को ब्लॉक करने और नजरअंदाज करने को कह दिया था. उन्होंने ये भी बताया कि साजिद ने अपने नाम को साजिद-वाजिद कर सभी रॉयल्टीज और LLP के नाम के तहत हुए कॉन्ट्रैक्ट्स को हड़पने की प्लानिंग भी की है. कमालरुख खान की मांग है कि जब तक प्रोबेट पेटीशन लंबित है तब तक संपत्तियों का प्रभार लेने के लिए इंडियन सक्सेशन एक्ट के नियमों के अनुसार कोर्ट रिसीवर या क्यूरेटर की नियुक्ति की जाए.
साजिद और उनकी मां ने कमलरुख के दावे को बताया गलत
एक तरफ कमालरुख खान हैं तो दूसरी तरफ साजिद और उनकी मां का कहना है कि वाजिद ने 2020 में एक हिबानामा बनाया था जिसमें उन्होंने पत्नी और बच्चों को कुछ भी नहीं देने की इच्छा जाहिर की थी. इस हिबानामा के आधार पर उन्होंने कमालरुख खान को सूचित किए बिना वाजिद की प्रॉपर्टी के प्रशासन के पत्र के लिए आवेदन दिया था.
23 अप्रैल को हो सकती है अगली सुनवाई
दोनों पार्टी के बयान सुनने के बाद जस्टिस गौतम पटेल ने साजिद और उनकी मां को पूरी प्रॉपर्टी, LLP के रिटर्न्स या फिर अन्य वाजिद के नाम पर मौजूद अन्य कमर्शियल संपत्ति का ब्यौरा देने का आदेश दिया है. साजिद और उनकी मां ने कोर्ट के सामने बयान दिया है कि वे सुनवाई की अगली तारीख तक कमालरुख खान द्वारा अपनी प्रोबेट पेटीशन में जिन संपत्तियों पर दावा किया है उनपर कोई कार्रवाई नहीं करेंगे. इस मामले पर अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी.
विद्या