नतीजों से पहले EVM पर बवाल, कांग्रेस ने चुनाव आयोग को लिखा खत

महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईसी) को खत लिखकर ईवीएम से छेड़छाड़ का शक जाहिर किया है.

महाराष्ट्र में EVM पर राजनीतिक बवाल
मुस्तफा शेख
  • मुंबई,
  • 23 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 7:55 AM IST

  • महाराष्ट्र कांग्रेस ने ईवीएम पर खड़े किए सवाल
  • कहा वायरलेस नेटवर्क से हैक हो सकता है सिस्टम
  • कांग्रेस ने की EC से नेटवर्क जैमर लगाने की मांग

महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों से पहले ईवीएम पर बवाल शुरू हो गया है. महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईसी) को खत लिखकर ईवीएम से छेड़छाड़ का शक जाहिर किया. थोराट ने स्ट्रांग रूम में नेटवर्क जैमर लगाने की मांग की. साथ ही मतगणना के दौरान हर राउंड का रिजल्ट शीट घोषित करने की मांग की.

बालासाहेब थरोट की ओर जारी शिकायत पत्र में कहा गया है कि ईवीएम मशीनों में छेड़छाड़ की जा रही है. देश के नागरिकों को डर लग रहा है कि ईवीएम मशीनों में छेड़छाड़ हो सकती है. इसे आसानी से मोबाइल और वायरलेस नेटवर्क से हैक किया जा सकता है.

कांग्रेस ने मांग की है कि उन इलाकों में जहां वोटिंग हो वहां नेटवर्क जैमर इंस्टाल किया जाए जब तक वोटों की गिनती हो.  काउंटिंग प्रक्रिया के दौरान भी नेटवर्क जैमर्स लगाए जाएं. हम मांग करते हैं कि नेटवर्क जैमर्स को तत्काल प्रभाव से विधानसभा क्षेत्रों में लगाया जाए जहां वोटों की गिनती हो रही है.

संदेह पर फिर से हो वोटों की गिनती

चुनाव आयोग से यह भी मांग की गई है कि वोटों की गिनती के वक्त हर राउंड के दौरान शीट तैयार की जाए जिस पर दोहरा हस्ताक्षर हो. यह प्रक्रिया हर बार दोहराई जाए. अगर कोई अनियमितता की शिकायत करे तो वोटों की गितनी फिर से की जाए.

कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग के गाइडलाइन के मुताबिक कुछ वीवीपीएटी को फिजिकल वैरिफिकेशन के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है. ऐसे में चुनाव आयोग से अनुरोध है कि हमारे प्रत्याशियों को छूट दी जाए कि जिन जगहों पर वीवीपीएटी उपलब्ध है वहां उन्हें मिलान करने की अनुमति दी जाए.

कांग्रेस ने कहा कि यह भी मांग करना चाहते हैं कि किसी भी संदेहास्पद ईवीएम की 4 बार गिनती की जाए. कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग 50 फीसदी तक ईवीएम मशीनों से वीवीपीएटी स्लिप से मिलान करे. कांग्रेस ने कहा कि इन प्रस्तावों को चुनाव आयोग मंजूरी दे जिससे लोकतंत्र के हितों की रक्षा हो सके.

Read more!

RECOMMENDED