17वीं लोकसभा चुनाव के तहत असम की मंगलदोई पर बीजेपी उम्मीदवार दिलीप सैकिया ने कांग्रेस के भुवनेश्वर कलिता को 138545 वोटों से हरा दिया है. दिलीप सैकिया को 735469 वोट मिले और भुवनेश्वर कलिता को 596924 वोट मिले. इस सीट पर वोटिंग दूसरे चरण में 18 अप्रैल को हुई थी जिसमें क्षेत्र के कुल 17,95,529 वोटरों में से 15,01,008 यानी 83.60 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.
Lok Sabha Election Results 2019 LIVE: देखें पल-पल का अपडेट
कौन-कौन हैं प्रमुख उम्मीदवार
सामान्य वर्ग वाली इस सीट से बीजेपी उम्मीदवार दिलीप सैकिया को कांग्रेस के भुवनेश्वर कलिता से कड़ी टक्कर मिल सकती है. बीजेपी ने रमन डेका को यहां से टिकट न देकर युवा नेता दिलीप सैकिया को उम्मीदवार बनाया. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस से सुधेंदु मोहन तालुकदार इस सीट से उम्मीदवार हैं. कुल 11 उम्मीदवार इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.
2014 का चुनाव
पिछले चुनाव में इस सीट पर 81.37 फीसदी वोटिंग हुई थी. 2014 में बीजेपी प्रत्याशी रमन डेका 4 लाख 86 हजार 357 वोटों के साथ सबसे ज्यादा वोट हासिल किए. रमन 22884 मतों से जीते. दूसरे नंबर पर कांग्रेस प्रत्याशी किरिप छलीहा को 4 लाख 63 हजार 473 वोट मिले. यहां बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के प्रत्याशी सहदेव दास तीसरे नंबर पर रहे. उन्हें 86 हजार 347 मत ही मिले. 10 हजार 722 लोगों ने किसी भी प्रत्याशी को पसंद नहीं किया. उन्होंने नोटा का बटन दबाया.
सामाजिक ताना-बाना
असम की मंगलदोई संसदीय सीट में 2011 की जनगणना के अनुसार कुल जनसंख्या 24 लाख 60 हजार 456 है. यहां की 92.85 फीसदी आबादी गांव में रहती है, जबकि 7.15 फीसदी लोग शहर में. 4.6 फीसदी आबादी एससी और 13.89 फीसदी लोग एसटी समुदाय के हैं. 2009 में यहां 69.85 फीसदी वोट पड़े थे, जबकि 2014 में 81.38 फीसदी. इस सीट पर मतदाताओं की संख्या 15 लाख 15 हजार 676 है, जिसमें पुरुषों की संख्या 7 लाख 91 हजार 539 है और महिलाओं की संख्या 7 लाख 24 हजार 137 है. 2018 की वोटर लिस्ट के मुताबिक यहां 17 लाख 30 हजार 679 मतदाता हैं.
सीट का इतिहास
इस सीट पर 2004 से लगातार बीजेपी का कब्जा रहा है, लेकिन उससे पहले यहां की जनता ने किसी भी पार्टी को लगातार दूसरी बार मौका नहीं दिया. यानि यहां सत्ता विरोधी लहर चलती रहती थी. कांग्रेस प्रत्याशी महदाब राजबोंगशी को लगातार दो बार 1998 और 1999 में लोगों ने मौका दिया.
इस सीट पर 1967 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी हेम बरुआ ने जीत दर्ज की. इसके बाद 1971 में कांग्रेस, 1977 में जनता पार्टी, 1985 में असम गण परिषद, 1991 में कांग्रेस, 1996 में असम गण परिषद का कब्जा रहा. 2004 के चुनाव में इस सीट पर पहली बार कमल खिला. बीजेपी प्रत्याशी नारायण चंद्र ने कांग्रेस प्रत्याशी को 29 हजार 866 वोटों से हराया. इसके बाद 2009 और 2014 में बीजेपी प्रत्याशी रमन डेका लगातार दो बार जीते.
चुनाव की हर ख़बर मिलेगी सीधे आपके इनबॉक्स में. आम चुनाव की ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए सब्सक्राइब करें आजतक का इलेक्शन स्पेशल न्यूज़ लेटर
aajtak.in