इंडिया टुडे पंचायत में एक्टर प्रकाश राज ने कहा कि मैं हिंदू विरोधी नहीं हूं, लेकिन सांप्रदायिक सोच के लोग मुझे एंटी हिंदू कहते हैं. 'द कल्चर वार्स' विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही.
प्रकाश राज को हिंदुत्व पॉलिटिक्स पर गुस्सा क्यों आता है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह संस्कृति और अप-संस्कृति की लड़ाई है. हिंदुत्व की राजनीति कर्नाटक में सफल होने वाली नहीं है.
उन्होंने कहा, हम बहुत सहिष्णु हैं, हिंदू या कोई भी धर्म दूसरों के लिए करुणा वाला होना चाहिए. एक संस्कृति हावी नहीं हो सकती. बिना विविधता के कोई भी समाज स्वस्थ नहीं रह सकती. उन्होंने कहा कि वे लोग (बीजेपी) जिस तरह के हिंदुत्व को बढ़ावा दे रहे हैं, वह यहां नहीं चल सकता.' उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म सौहार्द और विविधता को बढ़ावा देने वाला है.
प्रकाश राज ने कहा कि हिंदू धर्म सहिष्णु है लेकिन बीजेपी के नेता अपने बयानों में इस सहिष्णुता को भूल जाते हैं. बीजेपी की कोई विचारधारा नहीं है, वह संघ की विचारधारा पर काम करती है. प्रकाश ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री अनंत हेगड़े एक समुदाय के सफाए की बात करते हैं लेकिन पार्टी की तरफ से इस पर कोई सफाई नहीं दी जाती है.
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 12 मई को मतदान से पहले राज्य की सियासी, सामाजिक और आर्थिक आबोहवा पर मंथन के लिए बेंगलुरु में 31 मार्च को सजा महामंच. यह महामंच है इंडिया टुडे ग्रुप की ‘कर्नाटक पंचायत'. इस पंचायत में राजनीति, कारोबार जगत के दिग्गजों के साथ नौकरशाह , टेक्नोक्रेट्स, जानी-मानी हस्तियां और दूसरों पर गहरी छाप छोड़ने वाली कई शख्सियतें मौजूद रहीं. बेंगलुरु के होटल ललित अशोक में आयोजित ‘पंचायत’में तमाम न्यूज़मेकर्स और डिसिज़न-मेकर्स ने कर्नाटक के लोगों पर असर डालने वाले तमाम मुद्दों पर विचार किया.
दिनेश अग्रहरि