Exit Poll: एक अरविंद केजरीवाल के सामने धराशायी हो गए BJP के 200 से ज्यादा सांसद

Delhi Election Exit Poll: बीजेपी ने दिल्ली में जीत हासिल करने के लिए अपने 200 से ज्यादा सांसदों के साथ, कई मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को मैदान में उतारा था, लेकिन एग्जिट पोल बता रहा है कि दिल्लीवासियों ने विकास के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी को तरजीह दी.

Advertisement
Delhi Elections 2020 Exit Poll: फिर बड़ा चेहरा बनकर उभरे केजरीवाल (फोटो-PTI) Delhi Elections 2020 Exit Poll: फिर बड़ा चेहरा बनकर उभरे केजरीवाल (फोटो-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 1:31 PM IST

  • आम आदमी पार्टी को प्रचंड जीत मिलती दिख रही
  • बीजेपी ने 200 से ज्यादा सांसदों को उतारा था चुनाव प्रचार में
  • कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों ने किया था प्रचार

दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) को इस विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत मिलने के आसार हैं. दिल्ली विधानसभा चुनाव में शनिवार को वोटिंग के बाद सामने आए एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को प्रचंड जीत मिलती दिख रही है.

Advertisement

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिल्ली में जीत हासिल करने के लिए अपने 200 से ज्यादा सांसदों के साथ, कई मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को मैदान में उतारा था, लेकिन एग्जिट पोल बता रहा है कि दिल्लीवासियों ने विकास के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी को तरजीह दी.

बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के लिए 11 फरवरी तक का इंतजार करना पड़ेगा. मगर इससे पहले सामने आए एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को भारी बहुमत मिलने के आसार हैं.

जहां तक नई दिल्ली इलाके की 10 विधानसभा सीटों के एग्जिट पोल का सवाल है, तो आम आदमी पार्टी यहां क्लीन स्वीप करती दिख रही है. इंडिया टुडे और एक्सिस माई ​इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक नई दिल्ली की 10 विधानसभा सीटों में से 9-10 सीटों पर आम आदमी पार्टी का कब्जा हो सकता है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को एक सीट से संतोष करना पड़ सकता है.

Advertisement

ये भी पढ़ेंः दिल्ली चुनाव में बेकार नहीं गई बीजेपी की कड़ी मेहनत! ऐसे मिला फायदा

नई दिल्ली से कांग्रेस पार्टी का एक बार फिर से पूरी तरह से सफाया हो सकता है. वोट शेयरिंग के लिहाज से देखा जाए तो आम आदमी पार्टी को नई दिल्ली में 58 फीसदी, भारतीय जनता पार्टी को 34 फीसदी और कांग्रेस पार्टी को 5 फीसदी वोट मिल मिलने का अनुमान है. एग्जिट पोल की मानें तो दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी और कांग्रेस पार्टी तीसरे नंबर की पार्टी के रूप में सामने आ सकती है.

बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के लिए जमकर प्रचार किया है. साथ ही कई बीजेपी सांसद, केंद्रीय मंत्री, अन्य बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और पीएम मोदी भी लोगों को लुभाने की कोशिश करते नजर आए. यह पहली बार है जब एक साथ इतने सारे केंद्रीय मंत्री गली मुहल्लों में छोटी-छोटी जनसभा करते नजर आए.

अरविंद केजरीवाल पसंदीदा सीएम

इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया ने दिल्ली की सभी 70 विधानसभाओं में लोगों से बातचीत की है और जाना कि चुनावी शोर और सोशल मीडिया कैंपेन से इतर दिल्लीवासियों की अपनी क्या राय है और उन्होंने किसे वोट किया है.

Advertisement

इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक दिल्ली के 54 प्रतिशत लोग, आम आदमी पार्टी के संयोजक और मौजूदा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद पर बिठाना चाहते हैं. वहीं दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, सांसद और भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी जो इस बार के चुनाव में काफी सक्रिय रहे, उनको 21 प्रतिशत लोग दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं. हालांकि 2013 दिल्ली चुनाव में बीजेपी के सीएम उम्मीदवार रहे डॉ. हर्षवर्द्धन- जो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं- को 10 प्रतिशत लोग बतौर मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं.

ये भी पढ़ेंःक्या दिल्ली में मनोज तिवारी को CM चेहरा घोषित न करना BJP की भूल थी?

जबकि कांग्रेस नेता अजय माकन को 4 प्रतिशत, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 2 प्रतिशत, बीजेपी सांसद और पूर्व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल को 2 प्रतिशत, 'शाहीन बाग में प्रदर्शन करने वाले यही लोग घर में घुसकर रेप करेंगे' जैसे विवादित बयान देने वाले परवेश वर्मा को एक प्रतिशत, बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी को 1 प्रतिशत लोगों ने बतौर सीएम कैंडिडेट पसंद किया है. हालांकि 5 प्रतिशत लोगों ने इसका कोई जवाब नहीं दिया है.

आजतक का सैंपल सर्वे

बता दें इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया ने दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर लोगों से बातचीत की है. उनका सैंपल साइज 14,011 था. इसमें 66 प्रतिशत पुरुषों और 34 प्रतिशत महिलाओं से बातचीत की गई. जिन लोगों से पोल के दौरान बातचीत हुई, उनमें 16 प्रतिशत लोगों की उम्र 18-25 साल के बीच है.

Advertisement

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement