बिहार की शाहपुर विधानसभा सीट से आरजेडी उम्मीदवार राहुल तिवारी जीत गए हैं. उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार शोभा देवी को हराया है. आरजेडी उम्मीदवार राहुल तिवारी का कुल वोट शेयर करीब 42 प्रतिशत रहा, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार का वोट शेयर करीब 27 प्रतिशत रहा. शाहपुर विधानसभा सीट पर 28 अक्टूबर को वोट डाले गए, यहां कुल 49.00 फीसदी मतदान हुआ.
कौन है उम्मीदवार?
• मुन्नी देवी – भारतीय जनता पार्टी
• गुड़िया देवी – एनसीपी
• राहुल तिवारी – राष्ट्रीय जनता दल
• वेद प्रकाश - रालोसपा
मतदान की तिथि – पहला चरण, 28 अक्टूबर
क्या कहता है राजनीतिक इतिहास?
आरा लोकसभा के अंतर्गत आने वाले शाहपुर में पहला चुनाव 1951 में ही हुआ था. तब सोशलिस्ट पार्टी ने जीत का खाता खोला था. 1972 में कांग्रेस को यहां जीत का स्वाद मिला, लेकिन अगले ही चुनाव में जनता पार्टी ने उसका खेल बिगाड़ दिया.1990 के चुनाव के बाद दो बार यहां से जनता दल ही चुनाव जीता. लेकिन पिछले तीन चुनाव में दो बार भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली है. ऐसे में अब बीजेपी की नजर सीट पर वापसी से है. शाहपुर को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है.
कैसा है सामाजिक तानाबाना?
इस इलाके को वोटरों के हिसाब से ब्राह्मण बहुल माना जाता रहा है, यही कारण है कि राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों में भी उसकी झलक दिखती है. हालांकि, दो बार धर्मपाल सिंह ने भी यहां पर अपना खाता खोला है. इस सीट पर तीन लाख के करीब वोटर हैं, जिनमें से 1.49 लाख से अधिक पुरुष वोटर हैं.
पिछले विधानसभा चुनाव में क्या थे नतीजे?
2015 के विधानसभा चुनाव में यहां से राष्ट्रीय जनता दल के राहुल तिवारी ने जीत दर्ज की थी. राहुल तिवारी को 69,315 वोट मिले थे तो भाजपा के विश्वेश्वर ओझा को 54,745 वोट प्राप्त हुए थे. वहीं, तीसरे स्थान पर जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के कृष्ण बिहारी सिंह रहे थे, उन्हें 3680 वोट मिले थे.
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