85 बैच के IAS हैं मुर्मू, 9 महीने रहे LG, अब सीएजी बनाए जाने की चर्चा

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र बुधवार को केंद्र सरकार को भेज दिया.आइए जानते हैं कौन हैं जीसी मूर्मू, क्यों इन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खास अफसर कहा जाता है.

गिरीश चंद्र मुर्मू ने दिया इस्तीफा
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 1:10 PM IST

जीसी मुर्मू को इतिहास में राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बने जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल के तौर पर जाने जाएंगे. 60 साल के गिरीश चंद्र मुर्मू 1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अफसर हैं और वह गुजरात कैडर के अधिकारी हैं. जीसी मुर्मू ने 31 अक्टूबर, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पहले एलजी के रूप में कार्यभार संभाला था. नौ महीने बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कहा जा रहा है कि उन्हें अब CAG (Comptroller and Auditor General of India) की जिम्मेदारी दी जा सकती है.

गुजरात में मिली थी अहम जिम्मेदारी

गिरीश चंद्र मुर्मू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात में मुख्यमंत्री रहने के दौरान प्रधान सचिव रहे हैं. कश्मीर के उप राज्यपाल बनने से पहले वो वित्त विभाग में व्यय विभाग के सचिव हैं. मुर्मू की गिनती नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी अफसरों में होती है और उन्हें मोदी के कार्यकाल के दौरान गुजरात में अहम जिम्मेदारी मिली हुई थी. इसलिए उन्हें पीएम मोदी का खास अफसर कहा जाता रहा है.

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वरिष्ठ आईएएस गिरीश चंद्र मुर्मू वित्त ने इस साल के शुरुआत में वित्त विभाग में व्यय विभाग के सचिव का पद संभाला था, जबकि उनके नाम का ऐलान साल 2018 नवंबर में ही हो गया था.

गिरीश चंद्र मुर्मू ओडिशा के सुंदरगढ़ के रहने वाले हैं. उन्होंने उत्कल यूनिवर्सिटी से परास्नातक की डिग्री हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम से एमबीए की पढ़ाई की.

खजाना बढ़ाने की कवायद

प्रधानमंत्री के पसंदीदा आईएएस अफसरों में शुमार किए जाने वाले गिरीश चंद्र मुर्मू उस समय चर्चा में आए जब सरकार का खजाना खाली हो गया था और सरकार के सामने पैसों की कमी दूर करने का संकट बना हुआ था तो जुलाई 2018 में उनको अहम जिम्मेदारी सौंपी गई. तब उन्होंने 15वें वित्त आयोग के तहत केंद्र के लिए ज्यादा राजस्व जुटाने की बात कही थी.

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मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर दिया और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो नए केंद्र शासित प्रदेश के रूप में 31 अक्टूबर को देश के नक्शे पर आ गए.

बता दें कि जीसी मुर्मू का इस्तीफा तब आया है जब जम्मू और कश्मीर से धारा 370 हटे एक साल पूरा हुआ है. पिछले साल 5 अगस्त को जम्मू और कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिया गया था. केंद्र की मोदी सरकार ने यहां से धारा 370 हटाने का फैसला लिया था.

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