कहते हैं इरादे मज़बूत हों तो किसी भी मंज़िल को हासिल करना मुश्किल नहीं होता. पक्के आत्मविश्वास और अटूट हौसले से आगे बढ़ते हुए किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है IIT मद्रास की स्टूडेंट श्रुति टंडन ने. श्रुति को ज़ोन्टा इंटरनेशनल द्वारा प्रतिष्ठित अमेलिया इयरहार्ट फेलोशिप 2024 से नवाज़ा गया है. श्रुति न केवल अपना, अपने परिवार का बल्कि पूरे देश का सर गर्व से ऊंचा कर दिया है.
IIT मद्रास से की एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
श्रुति को शुरू से ही रिसर्च में खासा दिलस्पी रही है, जिसके वजह से उन्होंने इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला लिया है. उन्होंने आईआईटी मद्रास से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में B.Tech और M.Tech में डुअल डिग्री 9.58 CGPA के साथ प्राप्त की. वर्तमान में श्रुति टर्बुलेंट फ्लो में होने वाली जटिल समस्याओं की प्रणाली पर PhD कर रही हैं.
क्या है अमेलिया इयरहार्ट फ़ेलोशिप?
Amelia Earhart Fellowship एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय फेलोशिप प्रोग्राम है जो Zonta International द्वारा प्रदान की जाती है. यह फेलोशिप उन महिलाओं को दी जाती है जो एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और अंतरिक्ष विज्ञान में पीएचडी/डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त कर रही हैं. इन क्षेत्रों में पीएचडी में करने वाली कुल 30 महिलाओं को सालाना 10 हजार डॉलर (लगभग 8.35 लाख रुपये) की राशि दी जाती है. ताकि पीएचडी के दौरान ट्यूशन, किताबें, फीस, या रहने का खर्च (कमरा, बोर्ड या यात्रा) उठाया जा सके. इस फेलोशिप के लिए वे महिलाएं ही पात्र हैं जो एयरोस्पेस इंजीनियरिंग या अंतरिक्ष विज्ञान में पीएचडी/डॉक्टरेट कार्यक्रम में रेगुलर नामांकित हैं और जिन्होंने कम से कम एक साल का कार्यक्रम पूरा कर लिया है या जिनके पास एयरोस्पेस-अनुप्रयुक्त क्षेत्र में मास्टर डिग्री है. 1938 में इस फेलोशिप की शुरुआत के बाद से, ज़ोंटा ने 77 देशों की 1,305 महिलाओं को 1,734 अमेलिया ईयरहार्ट फ़ेलोशिप दी है, जिसकी कुल राशि 11.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा है.
श्रुति टंडन को क्यों मिली अमेलिया इयरहार्ट फेलोशिप 2024?
रॉकेट और गैस टरबाइन इंजनों में ज्वलन प्रक्रिया में होने वाली अस्थिरता पर की गई एक रिसर्च ने श्रुति को यह सम्मानजनक पहचान दिलाई है. भारत सरकार की ओर से प्राइम मिनिस्टर रिसर्च फ़ेलोशिप (पीएमआरएफ) द्वारा समर्थित एक अध्ययन के तहत श्रुति ने इस विषय में रिसर्च किया है. यह फेलोशिप एयरोस्पेस क्षेत्र में केवल 30 महिलाओं को दी गई प्रतिष्ठित फेलोशिप में से एक है. इस साल, भारत से केवल तीन महिला शोध विद्वानों का चयन किया गया है और उनमें से एक श्रुति टंडन हैं.
परिवार ने बढ़ाया हौसला
अपनी उपलब्धि का श्रेय श्रुति अपने परिवार, अपने सलाहकार प्रो. आरआई सुजीथ को देती हैं. श्रुति अपना सबसे बड़ा समर्थक अपने दादजी को कहती हैं और बताती हैं कि उनकी हर उपलब्धि पर उनके दादाजी ने उनकी पीठ थपथपाई और हमेशा उनको आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करते रहे.
श्रुति को पहले मिल चुके हैं ये सम्मान
एकेडमिक्स में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पहले भी श्रुति को कई पुरस्कारों से नवाज़ा जा चुका है जैसे-
-प्रो. वी मोहन रमन प्राइज़
-प्रो. ई जी तुलापुरकारा अवॉर्ड
-इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (INAE) द्वारा द इनोवेटिव स्टूडेंट्स प्रोजेक्ट अवॉर्ड 2021 से सम्मानित किया गया.
-इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ एनर्जी, एन्वॉयरमेंट और सस्टेनिबिल्टी द्वारा ISEES M tech थीसिस अवॉर्ड.
बता दें कि अपने बेहतरीन रिसर्च के लिए श्रुति को होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस (HBCSE) द्वारा चलाए गए प्रोग्राम नेशनल इनिशिएटिव ऑन अंडर ग्रेजुएट साइंस के तहत स्कॉलरशिप भी मिली थी. श्रुति अब तक 7 रिसर्च पेपर लिख चुकी हैं जिनका अलग-अलग वैज्ञानिकों द्वारा उल्लेख भी किया गया है.
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