ग्यारहवीं या बारहवीं में पढ़ रहे छात्रों या उच्च शिक्षा के लिए योग्य छात्रों के सामने विदेशी विश्वविद्यालय में पढ़ाई के विकल्प खुलते दिखने लगे हैं. हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC)ने हाल ही में घोषणा की थी कि भारत में जल्द ही विदेशी यूनिवर्सिटीज के कैंपस खोले जाएंगे. अब छात्रों को अपनी ड्रीम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं होगी. इसकी शुरुआत हो चुकी है.
इस कड़ी में ऑस्ट्रेलिया की दो टॉप यूनिवर्सिटीज ने भारत में कैंपस स्थापित करने की इच्छा जताई है. इस संबंध में इन यूनिवर्सिटीज ने सरकार से संपर्क भी किया है. ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटीज भारत में अपना कैंपस स्थापित करना चाहती हैं. जानकारी के मुताबिक दोनों यूनिवर्सिटीज गुजरात में गांधीनगर के पास गिफ्ट सिटी में स्वतंत्र इंटरनेशनल ब्रांच कैंपस स्थापित करने के लिए इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) के साथ बातचीत कर रही हैं.
भारत में खुलेगी Deakin University
ऑस्ट्रेलिया की Deakin University का कैंपस भारत में खुलना लगभग तय माना जा रहा है. इससे पहले भी यूजीसी चेयरमैन प्रो एम जगदीश कुमार ने बताया था कि कई विदेशी यूनिवर्सिटीज भारत में अपना कैंपस खोलने के लिए बातचीत कर रही हैं. अब डेकन यूनिवर्सिटी के नाम की चर्चा के बाद कहा जा रहा है कि विदेशी यूनिवर्सिटीज खुलने की दिशा में यही पहला कैंपस होगा. ऑस्ट्रेलिया का प्रसिद्ध डेकन विश्वविद्यालय एक स्वतंत्र कैंपस के माध्यम से भारत में प्रवेश करने वाला पहला विदेशी विश्वविद्यालय बनने के लिए तैयार है.
डेकन आईएफएससीए को कैंपस स्थापित करने के लिए आवेदन कर चुका है. जानकारी के मुताबिक 8 मार्च 2023 को ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी नॉर्मन अल्बनीज की अहमदाबाद यात्रा के दौरान इस यूनिवर्सिटी के कैंपस खोलने की घोषणा होने की संभावना है. अगले साल से परिचालन शुरू करने की उम्मीद है. Deakin पहले छात्रों को स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश देने की योजना बना रहा है.
डेकन टॉप 50 यूथ कैंपस रैंक में शामिल
डेकन भले ही क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 266वें स्थान पर दुनिया के टॉप 50 यूथ कैंपस में शामिल है. यूनिवर्सिटी को टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड रैंकिंग में 250-300 बैंड में रखा गया है. डेकन यूनिवर्सिटी के ऑस्ट्रेलिया में मेलबोर्न (बरवुड), जिलॉन्ग (वॉर्न पॉन्ड्स एंड वाटरफ्रंट) और वारनमबूल में परिसर हैं. यह 132 देशों के छात्रों की मेजबानी करता है, जिसमें भारतीय छात्र समुदाय का 27% हिस्सा है.
बजट भाषण में की थी घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल बजट भाषण में पहली बार ऐलान किया था कि गिफ्ट सिटी में वर्ल्ड क्लास विदेशी यूनिवर्सिटीज और इंस्टीट्यूट को फाइनेंशियल मैनेजमेंट, फिनटेक, साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स में कोर्सेज ऑफर करने की इजाजत दी जाएगी. इसके बाद यूजीसी ने भी इसको लेकर सभी नियमों से संबंधित गाइडलाइन जनवरी 2023 में ही जारी कर दी थीं.
आवेदन लेना किया शुरू
IFSCA ने गत गुरुवार से औपचारिक रूप से विदेशी यूनिवर्सिटीज से आवेदन लेना शुरू कर दिया. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया है कि हमने हाल ही में एप्लिकेशन फॉर्म को नोटिफाई किया है. दो इच्छुक यूनिवर्सिटीज इस काम के लिए गठित शिक्षाविदों की एक्सपर्ट कमेटी के साथ बातचीत कर रही हैं.
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