पंजाब में संत की हत्या, आश्रम से मिला योगेश्वर मुनि का शव

सतलुज नदी के किनारे जंगल में आश्रम बनाकर महात्मा महा योगेश्वर मुनि देशम 40 साल से रह रहे थे. वह 85 साल के थे. पुलिस आश्रम की भूमि पर कब्जे या चोरी की नीयत से हत्या को अंजाम दिए जाने समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है.

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फॉरेंसिक टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य फॉरेंसिक टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य

aajtak.in

  • रोपड़,
  • 18 मई 2020,
  • अपडेटेड 10:15 AM IST

  • टूटा मिला कमरे का दरवाजा
  • फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

कोरोना वायरस की महामारी के कारण देश में लागू लॉकडाउन के बीच पिछले कुछ दिनों से संतों की हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं. महाराष्ट्र के पालघर और उत्तर प्रदेश में हुई साधुओं की हत्या अभी अधिक पुरानी भी नहीं हुई थी कि अब पंजाब में एक संत की हत्या की घटना सामने आई है. पंजाब के नवांशहर में संत महा योगेश्वर मुनि देशम का सड़ा-गला शव उनके ही आश्रम से बरामद किया गया.

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बताया जाता है कि रोपड़ के नजदीक सतलुज नदी के किनारे जंगल में आश्रम बनाकर महात्मा महा योगेश्वर मुनि देशम 40 साल से रह रहे थे. वह 85 साल के थे. पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए. पुलिस आश्रम की भूमि पर कब्जे या चोरी की नीयत से हत्या को अंजाम दिए जाने समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है. आश्रम के पास तीन एकड़ जमीन है.

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संत योगेश्वर मुनि रोपड़ के नजदीक नवांशहर जिले के गांव में सतलुज नदी के किनारे जंगल में आश्रम बनाकर रहते थे. उनका शव कमरे में बुरी हालत में पड़ा मिला. शव देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे कुत्तों ने भी उसे नोच खाया हो. कमरे का दरवाजा टूटा मिला और मौके से एलईडी टीवी, इनवर्टर और बैटरी भी गायब थी. ऐसे में यह वारदात चोरी की नीयत से अंजाम दिए जाने की आशंका भी जताई जा रही है.

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संत के भाई ने बताया कि वे पिछले 40 साल से अकेले ही आश्रम बनाकर रहते थे. लॉकडाउन और प्रदेश में लागू कर्फ्यू के कारण यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही भी न के बराबर ही थी. उन्होंने बताया कि योगेश्वर मुनि अग्नि अखाड़ा काली कमली वाले ऋषिकेश से संबंधित थे. पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है. हत्या कब हुई, इसका पता लगाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है.

(विजय कपूर का इनपुट)

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