ISI एजेंट गिरफ्तार, अनुच्छेद 370 हटने से एक दिन पहले आया था भारत

भारत सरकार की ओर से संसद में ऐतिहासिक एलान (अनुच्छेद 370 हटाने) के वक्त जब घाटी में जवानों की तैनाती बढ़ाई जा रही थी, उस वक्त भी मिलिट्री इंटेलीजेंस यूनिट (MI यूनिट) की ओर से ऐसी कॉल्स को ट्रैक किया जा रहा था.

गिरफ्तार ISI एजेंट अली मुर्तज़ा असगर
कमलजीत संधू
  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 8:10 PM IST

  • अंबाला पुलिस ने ISI एजेंट को किया गिरफ्तार
  • मिलिट्री इंटेलीजेंस ने अंबाला पुलिस को दिया इनपुट
  • MI यूनिट कर रही कॉल ट्रैक
  • गिरफ्तार एजेंट से कई अहम जानकारी बरामद

नरेंद्र मोदी सरकार ने जिस दिन अनुच्छेद 370 खत्म करने का एलान किया, उससे ठीक एक दिन पहले एक पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट बाड़मेर (राजस्थान) के रास्ते भारत में दाखिल हुआ. दस दिन बाद अंबाला पुलिस ने उसे दबोचने में कामयाबी पाई.

आईएसआई एजेंट की पहचान 32 वर्षीय अली मुर्तज़ा असगर के तौर पर हुई. असगर को जम्मू और कश्मीर स्थित मिलिट्री इंटेलीजेंस के सुराग पर अंबाला पुलिस ने पकड़ा.    

पहली नज़र में कोई सीधा कनेक्शन नहीं दिखाई देता. लेकिन मिलिट्री इंटेलीजेस यूनिट की ओर से पाकिस्तान इंटेलीजेंस ऑपरेटिव कॉल्स (PIO कॉल्स) की ओर से जम्मू और कश्मीर स्थित कुछ सैन्य प्रतिष्ठानों को आने वाली कॉल्स को ट्रैक किया जा रहा था.

पाकिस्तानी एजेंट्स की ओर से ऐसी कॉल्स के लिए जो तौर तरीका बहुतायत में अपनाया जा रहा है वो है अपने नंबरों को भारतीय नंबरों से मास्क कर देना.

भारत सरकार की ओर से संसद में ऐतिहासिक एलान (अनुच्छेद 370 हटाने) के वक्त जब घाटी में जवानों की तैनाती बढ़ाई जा रही थी, उस वक्त भी मिलिट्री इंटेलीजेंस यूनिट (MI यूनिट) की ओर से ऐसी कॉल्स को ट्रैक किया जा रहा था.

असगर के भारत में दाखिल होने के बाद एमआई यूनिट ने ना सिर्फ मूवमेंट में बदलाव नोट किया बल्कि पाकिस्तान ऑपरेटिव कॉल्स (पीआईओ) की संख्या में भी अंतर देखा. असगर पर नज़र रखी गई. वो वीज़ा नियमों का उल्लंघन करते हुए कई स्थानों पर गया.

कराची का रहने वाला असगर आईटी प्रोफेशनल बताया जाता है. लेकिन उसने वीज़ा धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए मांगा. यही तरीका अपना कर असगर पहले भी सात बार भारत आ चुका है. असगर के संपर्क अमृतसर, मुंबई और हैदराबाद में पाए गए.  

असगर ने जब वीज़ा नियमों का उल्लंघन किया तो उसकी संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को मजबूर किया. इंटेलीजेंस ब्यूरो, पंजाब पुलिस और आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक साथ जांच शुरू की तो नतीजा भी जल्दी सामने आ गया.

सूत्रों ने बताया कि खुफिया ब्यूरो और पुलिस ने रिमांड के दौरान असगर से अहम जानकारी हासिल की. अभी उससे पूछताछ जारी है. असगर पिछले तीन साल से भारत आ रहा था. गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले,  उसने अपने एक सोर्स को फोन किया. वहीं से उस तक पहुंचने में आसानी हुई. वो बस अड्डे पर ट्रैक हुआ.   

एक टॉप सूत्र ने बताया, "बदले के तौर पर जवाबी हमले के पुख्ता इनपुट्स मिलने के बाद असगर को उठाया गया. शंका सही साबित हुई. खुफिया एजेंसियों ने उसके पास से सैन्य प्रतिष्ठाऩों से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए. उसे गुजरात और हैदराबाद समेत भारत में कई जगह ले जाया गया.’

सूत्रों ने कहा कि बीते तीन साल में आईएसआई एजेंट हरियाणा, पंजाब, आंध्र प्रदेश, गुजरात और हैदराबाद समेत कई स्थानों पर गया. असगर आईएसआई को जानकारियां उपलब्ध करा रहा था.

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