उत्तराखंड के लैंसडोन में कारोबारी समीर थापर समेत उनके 16 साथियों को जंगल के कानून तोड़ने के मामले में पौड़ी के डीएफओ मयंक शेखर को सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बदले पौड़ी के एसएसपी मुख्तार मोहसिन को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है.
पुलिस के मुताबिक, सोमवार को कार्बेट नेशनल पार्क से सटे लैंसडौन वन प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र में नए साल का जश्न मनाने के दौरान वन कानून, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में कारोबारी समीर थापर, जयंत नंदा समेत सभी 16 रसूखदार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. अदालत के आदेश पर पुलिस रसूखदार आरोपियों को साधारण बस में बिठाकर पौड़ी जेल ले गई थी.
कारोबारी थापर-नंदा की गिरफ्तारी की खबर से दिल्ली से कई नामी वकील उत्तराखंड पहुंच गए. दरअसल रविवार रात न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट से आरोपियों को 30 आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत तो जमानत मिल गई, लेकिन वन अधिनियम के मामले में जमानत की अर्जी खारिज होने से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पौड़ी जेल भेज दिया गया. सोमवार को दिल्ली से आए करीब आठ-दस नामी-गिरामी वकील कोटद्वार के सिमलचौड़ स्थित न्यायालय परिसर पहुंचे, जिससे न्यायालय परिसर में काफी गहमा-गहमी बनी रही.
मामले की सुनवाई के लिए 3 जनवरी की तारीख दी गई. लिहाजा मंगलवार को कोटद्वार की सीजेएम कोर्ट में समीर थापर-जयंत नंदा समेत सभी आरोपियों की जमानत के लिए एक बार फिर जाने-माने वकीलों का जमावड़ा लग गया. दोपहर बाद आरोपियों की जमानत अर्जी पर बहस शुरु होगी. एसएसपी मुख्तार मोहसिन ने बताया कि आरक्षित क्षेत्र में जश्न मनाने के दौरान वन कानूनों की अनदेखी के मामले की जांच कालागढ़ के पुलिस इंस्पेक्टर प्रीतम सिंह को सौंपी गई है.
इस हाई-प्रोफाइल मामले में एसएसपी मुख्तार मोहसिन द्वारा की गई निष्पक्ष कार्रवाई के बाद उन्हें केंद्र सरकार की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने एसएसपी मुख्तार मोहसिन द्वारा की गई त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की तारीफ करते हुए उन्हें एक पत्र भी लिखा है. फिलहाल हाई-प्रोफाइल आरोपियों से जुड़े इस मामले में पुलिस और वन विभाग काफी सतर्कता बरत रहा है.
राहुल सिंह