प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि रात को नौ बजे, नौ मिनट तक लोग अपने घरों से बाहर आएं और दीया, टॉर्च या फिर मोमबत्ती जलाएं. प्रकाश की इस ताकत से हम कोरोना वायरस के अंधकार को एक साथ आकर मात देंगे.
हालांकि इस संदेश पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बाहर भी कम न होगी रोशनी, दिलों में उजाले बनाए रखिए.
दीया-मोमबत्ती नहीं जलाने जा रहा-अधीर
कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी के रविवार रात 9 बजे दीया, मोमबत्ती जलाने के आह्वान पर कहा कि मैं 5 अप्रैल को रात 9 बजे दीया-मोमबत्ती नहीं जलाने जा रहा. इस तरह का आयोजन करने का कोई मतलब नहीं. कोरोना से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री को रणनीति बनानी चाहिए.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने ट्वीट कर कहा कि प्रधान शोमैन की बात सुनी. लोगों के दर्द, उनके बोझ, उनकी वित्तीय चिंताओं को कम करने के बारे में कुछ भी नहीं था. मामले के भविष्य को लेकर कोई विजन नहीं या लॉकडाउन के बाद की स्थिति पर कुछ भी साझा नहीं किया. भारत के फोटो-ओप प्रधानमंत्री की ओर से महसूस कराया गया एक अच्छा पल!
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दूसरी ओर सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि बत्तियां बुझाने और बॉलकनी में आनां? मिस्टर मोदी वास्तविकता देखें. भारत को जीडीपी के 8 से 10 फीसदी का फिस्कल पैकेज दीजिए.
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