कोरोना से थाना प्रभारी की गई थी जान, शिवराज सरकार ने बेटी को बनाया इंस्पेक्टर

गृह और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने उज्जैन की फाल्गुनी पाल से वीडियो कॉलिंग पर बात की और उन्हे अनुकंपा नियुक्ति पर सब-इंस्पेक्टर बनने की शुभकामनाएं दी. इस दौरान नरोत्तम मिश्रा ने फाल्गुनी पाल से कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार गृह विभाग द्वारा उन्हें सब इंस्पेक्टर के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई है.

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पिता के स्थान पर बेटी को मिली नौकरी (फोटो-आजतक) पिता के स्थान पर बेटी को मिली नौकरी (फोटो-आजतक)

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 10 मई 2020,
  • अपडेटेड 1:26 AM IST

  • ड्यूटी के दौरान यशवंत पाल को आया था बुखार
  • जांच कराने पर पाए गए कोरोना पॉजिटिव

मध्यप्रदेश सरकार ने कोरोना की वजह से जान गंवाने वाले उज्जैन के नीलगंगा थाना प्रभारी यशवंत पाल की बेटी फाल्गुनी पाल को अनुकंपा पर नियुक्ति दी है. यशवंत पाल का 21 अप्रैल को कोरोना की वजह से निधन हो गया था. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुख व्यक्त करते हुए घोषणा की थी कि उनके परिवार को राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा कवच के रूप में 50 लाख रुपए, असाधारण पेंशन, बेटी फाल्गुनी को उपनिरीक्षक पद पर नियुक्ति और स्वर्गीय यशवंत पाल को मरणोपरांत कर्मवीर पदक से सम्मानित किया जायेगा.

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शनिवार को गृह और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने उज्जैन की फाल्गुनी पाल से वीडियो कॉलिंग पर बात की और उन्हे अनुकंपा नियुक्ति पर सब-इंस्पेक्टर बनने की शुभकामनाएं दी. इस दौरान नरोत्तम मिश्रा ने फाल्गुनी पाल से कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार गृह विभाग द्वारा उन्हें सब इंस्पेक्टर के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई है. अगले सप्ताह वह ड्यूटी पर उपस्थित होकर अपने परिवार की जिम्मेदारी के साथ समाज, प्रदेशवासियों की सेवा और विभागीय दायित्वों के साथ जिम्मेदारियों का निर्वाहन प्रारंभ कर सकती हैं.

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बता दें, उज्जैन के नीलगंगा थाना प्रभारी यशवंत पाल के थाना क्षेत्र में आने वाली अंबर कॉलोनी के कोरोना पॉजिटिव संतोष वर्मा की 27 मार्च को मौत हो गई थी. इसके बाद इस इलाके को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया गया था और यहां की व्यवस्था टीआई यशवंत पाल खुद देख रहे थे. यहां ड्यूटी के दौरान उन्हे बुखार आया तो उन्होने अपना कोरोना टेस्ट कराया. 6 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. उसके बाद उन्हे इंदौर के अरविंदो अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया था. हालांकि यहां उनकी स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ और आखिरकार 21 अप्रैल की सुबह उनकी मौत हो गई थी.

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