भारत की सहकारी संस्था इंडियन फॉर्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) कोरोना वायरस के खिलाफ बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चला रही है. इफ्को ने इसे ‘ब्रेक द कोरोना चेन’ नाम दिया है. इसके तहत लोगों को को इस वाइरस से बचने के तरीकों और एहतियाती उपायों को बताया जा रहा है. उर्वरक उद्योग की महत्ता को देखते हुए इफ्को के सभी संयंत्र इस महामारी के दौरान भी चल रहे हैं.
इफ्को ने बताया कि उसके स्टाफ लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने, उचित स्वच्छता और स्वस्थ आहार के साथ-साथ कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए लोगों को मास्क पहनने, गमछे से चेहरा ढंकने को कह रहे हैं.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
देश भर में अलग-अलग स्थानों पर 3.5 लाख से अधिक विटामिन-सी के टैबलेट्स, 50,000 मेडिकेटेड साबुन, 20,000 मास्क, 5,000 सैनिटाइजर और मेडिकल किट वितरित किए गए हैं.
इफ्को के प्लांट में प्रोडक्शन जारी
देश के किसानों को आने वाले दिनों में खाद की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए हजारों मजदूर और कर्मचारी महामारी के दौरान भी इफ्को के कारखानों में काम कर रहे हैं. इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का जिम्मा उठाते हुए इफ्को इनके लिए सैनिटाइजर, साबुन और मास्क की नियमित सप्लाई कर रही है. विभिन्न राज्यों में प्रवासियों और मजदूरों के परिवारों को खाद्य सामग्री के साथ राशन किट भी दिए जा रहे हैं.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें
इफ्को के बिक्री केन्द्रों, गोदामों, सहकारी समितियों, ई-बाजार आउटलेट्स और रेक बिंदुओं पर कीटाणुनाशक उपलब्ध कराने के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जा रहा है.
बता दें कि इफ्को ने पीएम-केयर्स फंड में 25 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. इफ्को के प्रबंध निदेशक डॉ. उदय शंकर अवस्थी जी ने कहा कि महामारी के खिलाफ लड़ाई में वित्तीय योगदान का अपना महत्व है, लेकिन इस महामारी को फैलने से रोकने में सामाजिक जागरूकता की भूमिका बेहद अहम है, यही कारण है की इफ्को और इसके कर्मचारियों ने इस कठिन समय में जिम्मेदारीपूर्वक हाथ बंटाने का फैसला किया है.
aajtak.in