अक्षय तृतीया के मौके पर देश भर में लोगों की गोल्ड शॉपिंग (Gold Shopping) अनुमान से काफी कम रही है. सर्राफा बाजारों में ज्वेलर्स की दुकानों पर लोगों की आवाजाही तो दिखी लेकिन इनकी ज्वैलरी की जगह दूसरे आइटम्स खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी रही. ऐसे में इस बार अक्षय तृतीया पर सोने में कारोबार उम्मीद से कम रहा क्योंकि लोगों ने सोने की गिन्नी, सिक्के, छोटे आइटम ज्यादा खरीदने में दिलचस्पी दिखाई. शुरुआत में अनुमान था कि इस साल अक्षय तृतीया पर गोल्ड की बिक्री 20 फीसदी तक कम रहेगी.
गोल्ड की बिक्री में अनुमान से ज्यादा गिरावट
अब जो रुझान सामने आए हैं उसके मुताबिक इस साल अक्षय तृतीया के मौके पर पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी कम कारोबार रहा है. ग्राहकों ने सबसे ज्यादा सोने की गिन्नी, सिक्के, छोटे आइटम की खरीदारी की है. यानी निवेश से जुड़े गोल्ड आइटम्स में उनकी ज्यादा दिलचस्पी रही है. इसकी वजह है कि ये सामान प्योर गोल्ड की कैटेगरी में आता है और इसकी बिक्री पर भी बाजार मूल्य के हिसाब से कीमत मिल जाती है. वहीं ज्वैलरी खरीदने पर पहले तो मेकिंग चार्ज में भारी भरकम रकम जाती है और बेचते वक्त भी इनके दाम गोल्ड की मात्रा के हिसाब से मिलते हैं जो प्योर गोल्ड से थोड़ा प्योरिटी वाला होता है.
दिल्ली में 250 करोड़ के सोने की बिक्री
अगर बिक्री के हिसाब से दिल्ली के आंकड़ों को देखा जाए तो अकेले राजधानी में ही ढाई सौ करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया गया है. इस कमी की वजह रही है कि इस बार 10 ग्राम सोने की कीमत 60 हजार रुपये से ज्यादा रही है जो पिछले साल करीब 50 हजार रुपये थी. ऐसे में 20 फीसदी ज्यादा दाम पर महंगी ज्वैलरी खरीदना लोगों को फायदे का सौदा नहीं नजर आया. वैसे भी इस साल ग्लोबल मंदी की आशंका के बीच सोने के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. इसकी वजह से लोगों को आगे भी दाम बढ़ने की उम्मीद है और वो निवेश के लिए ही गोल्ड में पैसा लगाना चाहते हैं.
महंगे सोने ने घटाई बिक्री
सोने के महंगे दाम की वजह से ही ग्राहकों ने इस बार ज्यादा खरीदारी नहीं की है. इसलिए इस बार अक्षय तृतीया के मौके पर गोल्ड की खरीदारी में कमी दर्ज की गई है. अक्षय तृतीया के मौके पर कई ज्वैलर्स ने ग्राहकों के सोने की खरीद करने पर मेकिंग चार्ज पर छूट भी दी. इसके बावजूद भी ग्राहकों ने ज्वेलरी खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई क्योंकि ग्राहकों को महंगे सोने ने खरीदारी से दूर रखा. हालांकि इस बार कुछ ग्राहकों ने डिजिटल गोल्ड भी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है.
अक्षय तृतीया पर गोल्ड खरीदारी पर मिले ऑफर्स
अक्षय तृतीया में सोने की सबसे ज्यादा बिक्री दक्षिण भारत में होती है जहां की कुल बिक्री में 40 फीसदी हिस्सेदारी है. वहीं, पश्चिमी भारत की 25 फीसदी, पूर्वी भारत की 20 परसेंट और उत्तर भारत की अक्षय तृतीया पर बिकने वाले गोल्ड में 15 फीसदी हिस्सेदारी है. ऐसे में लोगों को लुभाने के लिए इस बार अक्षय तृतीया पर तनिष्क ने गोल्ड और डायमंड की ज्वैलरी के मेकिंग चार्ज पर 20 फीसदी छूट का ऑफर दिया था. पीपी ज्वैलर्स गोल्ड की ज्वैलरी के मेकिंग चार्ज पर 50 फीसदी छूट का ऑफर पेश किया था. जो आलुक्कास ने 50 हजार रुपये और उससे ज्यादा कीमत के सोने की खरीद पर एक हजार और हीरे की ज्वैलरी पर दो हजार रुपये के गिफ्ट वाउचर दिए.
क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
दुनिया के सेंट्रल बैंक लंबे समय तक गोल्ड में निवेश करने का मन बना रहे हैं. अब तक खनन किये गए सोने का करीब पांचवां हिस्सा केवल केंद्रीय बैंकों के पास है. सेंट्रल बैंकों की खरीदारी का अंदाजा लगाने के लिए चंद आंकड़ों पर नजर डालते हैं. पिछले साल दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 1136 टन गोल्ड खरीदा था. 1967 के बाद ये सबसे तेज रफ्तार से की गई गोल्ड की खरीदारी थी. तुर्किए, भारत, उज्बेकिस्तान और कई दूसरे उभरते बाजार गोल्ड के सबसे बड़े खरीदार थे.
भारत सोने का बड़ा खरीदार
आरबीआई ने 5 साल में अपनी डॉलर होल्डिंग में लगातार कमी की है और गोल्ड वेटेज को 5.06 परसेंट से बढ़ाकर 7.86 फीसदी कर दिया है. हाल के आंकड़ों के मुताबिक भारत के पास दुनिया के कुल गोल्ड डिपॉजिट का 8 फीसदी है. आरबीआई की गोल्ड खरीदारी 2023 में भी जारी रह सकती है. भारत के गोल्ड रिजर्व में इस साल 10 से 12 फीसदी उछाल देखा जा सकता है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक भारत दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड एक्यूमुलेटर है. भारत के घरों में ही करीब 25 हज़ार से 27 हजार टन सोना है. वहीं, देश के मंदिरों के पास 3 हजार से 4 हजार टन सोना होने की संभावना है.
2023 में कहां पहुंचेगा सोने का भाव?
ग्लोबल इकनॉमी में चल रहे मौजूदा उथल-पुथल के बीच गोल्ड को सुरक्षित निवेश माना जा रहा है. दुनिया के सेंट्रल बैंकों की खरीदारी भी सोने की कीमतों को बढ़ा रही है. ऐसे में अनुमान है कि 2023 में सोने का भाव 66 हजार और 72,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है. लेकिन ये समझना भी जरूरी है कि अगर हालात सामान्य हो गए और महंगाई दर कम हो गई तो फिर सोने के दाम जो फिलहाल रिकॉर्ड स्तर पर हैं वो कम भी हो सकते हैं.
आदित्य के. राणा