विजयदशमी यानी दशहरा के अवसर पर मंगलवार को अवकाश होने के कारण घरेलू शेयर बाजार और कमोडिटी बाजार में कारोबार बंद रहा. भारतीय शेयर व कमोडिटी बाजार में अगले दिन यानी बुधवार को नियमित कारोबार चलेगा.
सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 141.33 अंकों यानी 0.38 फीसदी की कमजोरी के साथ 37,531.98 पर बंद हुआ था. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी 48.35 अंकों यानी 0.43 फीसदी की गिरावट के साथ 11,126.40 पर बंद हुआ था.
मजबूत विदेशी संकेतों से कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई, लेकिन पूरे सत्र के आखिर में बिकवाली का दबाव बढ़ने से प्रमुख संवेदी सूचकांक पिछले सत्र से नीचे लुढ़क कर बंद हुए. बीएसई पर कुल 2,978 शेयरों में कारोबार हुआ जिनमें से 967 शेयरों में तेजी रही जबकि 1,766 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. कारोबार के आखिर में 245 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए.
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई थी. सुबह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 26 अंकों की बढ़त के साथ 37,699 पर खुला और बाद में इसमें उतार-चढ़ाव देखा गया. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी मजबूती के साथ खुला. हालांकि कारोबार के अंत में शेयर बाजार ने अपनी पूरी बढ़त गंवा दी और एक्सचेंज लाल निशान में चले गए.
इस तरह लगातार छठे कारोबारी सत्र में शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए हैं. आईटी, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर पर भारी दबाव रहा.
इस हफ्ते किन बातों पर रखनी होगी नजर
देश के शेयर बाजार की चाल तय करने में इस सप्ताह जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों के साथ-साथ घरेलू कंपनियों की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की अहम भूमिका होगी. इसके अलावा, घरेलू व विदेशी घटनाक्रमों और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल का भी असर देखने को मिलेगा.
अमेरिका में बेरोजगारी दर में गिरावट की वजह से दुनिया के ज्यादातर बाजार हरे निशान में थे. अमेरिका में बेरोजगारी की दर पिछले 50 साल की सबसे कम रही है, जिसकी वजह से वैश्विक मंदी की चिंता दूर हुई है.
भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह बिकवाली के भारी दबाव में प्रमुख संवेदी सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इस सप्ताह कई प्रमुख घरेलू कंपनियां 30 सितंबर को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपनी वित्तीय नतीजों की घोषणाएं करने वाली हैं जिन पर निवेशकों की विशेष नजर होगी और इससे बाजार को दिशा भी मिलेगी.
साथ ही, बाजार की दिशा तय करने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के निवेश के प्रति रुझान की अहम भूमिका होगी.
बीते सप्ताह के कुछ प्रमुख फैसले व आंकड़े, मसलन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट और जीडीपी वृद्धि दर में कटौती, अमेरिकी में जारी हुए गैर-कृषि क्षेत्र के रोजगार के आंकड़ों पर आगे भी शेयर बाजार में प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है.
बुधवार को अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ओपन मार्केट कमेटी की हाल ही में हुई बैठक के मिनट्स जारी होंगे. गुरुवार को देश की प्रमुख कंपनी टीसीएस अपनी दूसरी तिमाही के वित्तीय आंकड़े जारी करेगी और इंडसइंड बैंक के भी वित्तीय नतीजे जारी होंगे. अगले दिन शुक्रवार को इन्फोसिस भी चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अपने आंकड़े जारी करेगी.
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