म्यूचुअल फंड खरीदना हुआ महंगा, जानें-1 लाख के निवेश पर कितना लगेगा चार्ज

नए नियम के मुताबिक निवेशकों को 0.005 प्रतिशत की दर से स्टांप ड्यूटी देना होगा. अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आपको कुल निवेश की रकम पर ये चार्ज देना है.

Advertisement
1 जुलाई से बदल गया नियम 1 जुलाई से बदल गया नियम

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 02 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 2:14 PM IST

  • निवेशकों को 0.005 प्रतिशत की दर से स्टांप ड्यूटी देनी होगी
  • यूनिटों के ट्रांसफर पर 0.015 प्रतिशत की दर से शुल्क लगेगा

भविष्य के लिए बचत के मकसद से म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक बेहतर विकल्प है. लेकिन बीते 1 जुलाई से म्यूचुअल फंड में निवेश के नियम बदल गए हैं. नए नियम के तहत अब म्यूचुअल फंड में निवेश पर स्टांप ड्यूटी भी देना होगा. जाहिर सी बात है कि, म्यूचुअल फंड में निवेश महंगा हो जाएगा. ऐसे में निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. आइए जानते हैं कि इस नए नियम का आप पर कितना असर पड़ेगा.

Advertisement

कितना लगेगा स्टांप ड्यूटी

नए नियम के मुताबिक निवेशकों को 0.005 प्रतिशत की दर से स्टांप ड्यूटी देना होगा. अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आपको कुल निवेश की रकम पर ये चार्ज देना है. ये नियम सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट यानी एसआईपी या एसटीपी के जरिए निवेश करने वालों पर भी लागू होगा. इसके अलावा आप चाहे डेट में निवेश करें या फिर इक्विटी में, आपको सभी तरह से स्टांप ड्यूटी चार्ज देनी ही है.

म्यूचुअल फंड की खरीदारी के अलावा बाजार में अथवा बाजार बंद होने के बाद एक डीमैट खाते से दूसरे डीमैट खाते में यूनिटों के ट्रांसफर पर 0.015 प्रतिशत की दर से स्टांप शुल्क लगेगा. हालांकि, म्यूचुअल फंड यूनिटों के समयावधि समाप्त होने पर उनकी डिलिवरी पर स्टांप शुल्क नहीं देना होगा.

1 लाख के निवेश उदाहरण से समझें

Advertisement

उदाहरण के तौर पर प्रत्येक एक लाख रुपये की खरीद पर निवेशकों को 5 रुपये का भुगतान करना होगा. इस लिहाज से एक लाख रुपये के निवेश पर 99,995 रुपये के यूनिट आवंटित किये जाएंगे.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

अधिकतर एक्सपर्ट का मानना है कि स्टांप ड्यूटी का छोटे या आम निवेशकों पर मामूली प्रभाव पड़ेगा. हालांकि, जो लोग करोड़ों में निवेश करते हैं उनके लिए चुनौती बढ़ गई है. प्राइम इन्वेस्टर की सह- संस्थापक विद्या बाला ने कहा, ‘‘खुदरा निवेशकों पर इसका बहुत मामूली या फिर कोई प्रभाव नहीं होगा. खुदरा निवेशक यदि तीन माह के भीतर म्यूचुअल फंड में करोड़ों रुपये का निवेश करते हैं तभी उनपर इस स्टांप शुल्क का कुछ असर हो सकता है.’’

ये पढ़ें—कोरोना संकट का असर: इक्विटी म्यूचुअल फंडों में निवेश 4 साल के निचले स्तर पर

सैम्को सिक्युरिटीज से जुड़े ओंकेश्वर सिंह ने कहा कि इसका असर यूनिट रखने की अवधि पर निर्भर करेगा. लंबे समय के निवेशकों पर मामूली असर होगा. बाला ने स्टांप शुल्क के असर के बारे में बताया कि स्टांप ड्यूटी काटने के बाद ही यूनिट आवंटित किये जाएंगे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement