राजस्थान और असम में लागू होगा इंट्रा-स्टेट ई-वे बिल, बदलेगी ये चीज

देश के 18 राज्यों में लागू हो चुके इंट्रा-स्टेट (राज्य के भीतर) ई-वे बिल को अब असम और राजस्थान में भी लागू किया जाएगा. असम में यह 16 मई और राजस्थान में 20 मई को इंट्रा-स्टेट लागू हो जाएगा.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

विकास जोशी

  • नई दिल्ली,
  • 15 मई 2018,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST

देश के 18 राज्यों में लागू हो चुके इंट्रा-स्टेट (राज्य के भीतर) ई-वे बिल को अब असम और राजस्थान में भी लागू किया जाएगा. असम में यह 16 मई और राजस्थान में 20 मई को इंट्रा-स्टेट लागू हो जाएगा. इसके बाद इन राज्यों में भी राज्य के भीतर 50 हजार रुपये से ज्यादा का सामान लाने-ले जाने पर ई-वे बिल दिखाना अनिवार्य हो जाएगा.

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राजस्थान और असम में इंट्रा-स्टेट ई-वे बिल के लागू होने के बाद इसे लागू करने वाले राज्यों की कुल संख्या 20 हो जाएगी. इससे पहले देश के 18 राज्यों में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल लागू हो चुका है. सरकार इसे राज्यों में फेज वाइज लागू कर रही है.

इंट्रा स्टेट ई-वे बिल की व्यवस्था लागू होने के बाद जिस तरह राज्य के बाहर 50 हजार रुपये से ज्यादा की कीमत का सामान ले जाने पर ई-वे बिल देना पड़ता है, उसी तरह राज्य में भी इस कीमत का सामान ले जाने पर ई-वे बिल बनवाना जरूरी होगा.

कारोबारियों और आम आदमी की सहूलियत को ध्यान में रखकर सरकार ने ई-वे बिल के फॉर्मेट में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है. कारोबारियों को सिर्फ दूरी को बदलना होगा. बता दें कि सरकार 1 अप्रैल को इंटर-स्टेट ई-वे बिल लागू कर चुकी है.

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ई-वे बिल क्या है?

ई-वे बिल एक दस्तावेज है. इसे उन लोगों को हासिल करने की जरूरत है, जो 50 हजार रुपये से ज्यादा की कीमत का सामान व वस्तु ट्रांसपोर्टर के जरिये सप्लाई कर रहे हैं. वैसे तो यह एक राज्य से दूसरे राज्य में इस कीमत की वस्तु व सामान को ट्रांसपोर्ट करने के लिए जरूरी है, लेकिन कुछ राज्यों में अंतर्राज्यीय ट्रांसपोर्ट के लिए भी यह अनिवार्य किया गया है.

ई-वे बिल कैसे हासिल करें?

ई-वे बिल हासिल करने के लिए  आप ewaybillgst.gov.in पर पहुंच सकते हैं. अगर आप रजिस्टर्ड कारोबारी हैं और आप 50 हजार रुपये से ज्यादा का सामान कहीं भेज रहे हैं, तो आपको साइट पर पहुंचकर Part A का EWB-01 फॉर्म भरना होगा. वस्तु सप्लाई करने से पहले आपको ई-वे बिल प्राप्त करना जरूरी है.

अगर सामान भेजने वाला कारोबारी रजिस्टर्ड नहीं है और सप्लाई प्राप्त करने वाला कारोबारी रजिस्टर्ड है, तो उसे Part A का EWB-01 फॉर्म भरना होगा. दोनों ही के रजिस्टर न होने पर, सामान की सप्लाई करने वाले ट्रांसपोर्टर को यह फॉर्म भरना होगा.

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