वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोदी सरकार का आखिरी पूर्णकालिक बजट पेश किया. इसमें सेस के रूप में तीन प्रतिशत टैक्स और बढ़ा दिया गया है. अभी तक सिर्फ कृषि सेस लगता था जो 1% था. लेकिन 2018 के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐलान किया कि अब सेस के रूप में तीन प्रतिशत टैक्स और देना होगा. इसमें से दो प्रतिशत शिक्षा और 1% सीनियर सेकेंडरी एजुकेशन सेस के रूप में होगा.
नए टैक्स स्लैब के हर वर्ग में सेस के चलते आयकर भी बढ़ जाएगा. नए टैक्स स्लैब में उच्च आय वर्ग (15 लाख आय) वालों को 2625 रुपए ज्यादा टैक्स होगा. इसी प्रकार मध्यम आय वर्ग (5 से 10 लाख आय) में टैक्स 1125 रुपये ज्यादा देना होगा. निम्न आय वर्ग (2.5 से 5 लाख आय) वालों को 125 रुपये अधिक देने होंगे. 50 लाख से एक करोड़ तक की आय पर 10 प्रतिशत सरचार्ज के रूप में चुकाना होगा. वहीं एक करोड़ से अधिक की आय होने पर 15 फीसदी सरचार्ज के रूप में देना होगा.
(इसे भी पढ़ें- वित्त मंत्री ने बिगाड़ा आपके घर का बजट, राशन-पानी समेत ये होगा महंगा)
आइए जानते हैं नए टैक्स स्लैब में 3% सेस बढ़ने से किस आय वर्ग में कितने रुपए का बोझ बढ़ेगा...
60 वर्ष से कम आयु वाली श्रेणी में
- 2,50,000 तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.
- ढाई से 5,00,000 रुपए तक की आय पर 5% टैक्स के अलावा 4% सेस का अलग टैक्स लगेगा. इस स्लैब में 13000 रुपए टैक्स बनता है. वहीं सेस के चलते 125 रुपए अतिरिक्त देना होगा.
- पांच से 10 लाख तक की आय पर 12,500 टैक्स बनेगा. पांच लाख से ऊपर की आय पर 20% टैक्स के अलावा 4% सेस के रूप में भी टैक्स लगाया जाएगा. इस स्लैब में टैक्स की कुल देनदारी एक लाख 17 हजार रुपए होगी. सेस के चलते इसमें 1125 रुपए अतिरिक्त देना होगा.
- दस लाख से ज्यादा आय वर्ग वालों को 1,12,500 रुपए टैक्स के अलावा दस लाख से अधिक आय पर 30 प्रतिशत टैक्स भी देना होगा. इसके अलावा 4% अतिरिक्त सेस. इस प्रकार इस टैक्स स्लैब में कुल टैक्स दो लाख 73 हजार रुपए होगी. इसमें सेस के चलते 2625 रुपए का बोझ बढ़ेगा.
(इसे भी पढ़ें- महंगाई पर चारों खाने चित्त हुआ मोदी सरकार का आखिरी बजट)
60 वर्ष से अधिक आयु वाली श्रेणी में (सीनियर सिटिजन)
- तीन लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं.
- तीन लाख से पांच लाख तक की आय वर्ग में तीन लाख से ऊपर की आय का पांच प्रतिशत टैक्स लगेगा. सीनियर सिटिजन को 4% सेस के रूप में अतिरिक्त देना होगा. इस टैक्स स्लैब में 10,400 रुपए टैक्स लगेगी. सेस के चलते इन पर 100 रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
- पांच से 10 लाख के टैक्स स्लैब में दस हजार के अलावा पांच लाख से ऊपर की आय पर 20% टैक्स बनेगा. इस टैक्स में 4% सेस चार्ज के रूप में अतिरिक्त देना होगा. इस प्रकार कुल टैक्स 1,14,400 रुपए होगा. इसमें सेस के रूप में 1100 रुपए का अतिरिक्त भार होगा.
- 10 लाख से ऊपर की आय पर 1,10,000 के अलावा दस लाख से ऊपर की आय पर 30% टैक्स लगेगा. बजट के बाद इस आय वर्ग को टैक्स के रूप में कुल 2,70,400 रुपए देने होंगे. सेस के रूप में इन पर 2600 रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा.
80 वर्ष से अधिक आयु वाली श्रेणी में (सुपर सीनियर सिटिजन)
- पांच लाख तक की आय पर कोई कर नहीं देना होगा.
- पांस से दस लाख की आय पर पांच लाख से ऊपर की आय पर कुल 20% टैक्स देना होगा. इसके अलावा सुपर सीनियर सिटिजन को भी 4% सेस देना होगा. इस प्रकार इन पर कुल टैक्स की देनदारी 1 लाख चार हजार रुपए होगी. इन पर 4% सेस के चलते 1000 रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा.
- दस लाख से ऊपर की आय पर एक लाख के अलावा दस लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत की दर से टैक्स देना होगा. इसमें 4% सेस का अलग से देना होगा. इस आय वर्ग वाले सुपर सीनियर सिटिजन को टैक्स के रूप में दो लाख साठ हजार रुपए चुकाना होगा. सेस के चलते इन्हें ढाई हजार रुपए अतिरिक्त देने होंगे.
(इसे भी पढ़ें- बजट 2018: जानें क्या है स्टैंडर्ड डिडक्शन, 40 हजार की छूट का ऐसे लें फायदा)
राहुल विश्वकर्मा