ट्रैफिक वाली बिजी सड़क पर होगा रियल लाइफ ड्राइविंग टेस्ट! इस राज्य में DL के लिए लागू हुआ सख्त नियम

Driving Test in Kerla: केरल मोटर वाहन विभाग (MVD) ने ड्राइविंग टेस्ट के नियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं. इस नए नियम के अनुसार अब ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) के आवेदकों को रियल लाइफ ड्राइविंग टेस्ट देना होगा.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 मई 2024,
  • अपडेटेड 5:42 PM IST

केरल में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना अब और भी ज्यादा मुश्किल होगा. क्योंकि केरल मोटर वाहन विभाग (MVD) ने  ड्राइविंग टेस्ट के नियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं. यहां तक कि आवेदकों को अब रियल लाइफ ड्राइविंग टेस्ट देना होगा. यानी कि बिजी ट्रैफिक के बीच वाहन चलाकर अपनी ड्राइविंग स्किल को साबित करना होगा. इसके अलावा टेस्ट नियमों में कुछ और भी बदलाव किए गए हैं.

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क्या हैं नए ड्राइविंग टेस्ट नियम?

हाल ही में केरल मोटर वाहन विभाग (MVD) द्वारा आदेश जारी किया गया. जिसके अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) आवेदकों को अब वास्तविक तौर पर बिजी सड़क पर ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य होगा. इसके अलावा विभाग ने एंगुलर पार्किंग, पैरेलल पार्किंग, ज़िग-जैग ड्राइविंग जैसे कई टेस्ट को अनिवार्य कर दिया है. 

इसके अलावा, इस सर्कुलर में 'H' टेस्ट करने से पहले आवेदकों को ग्रेडिएंट टेस्ट से गुजरना होगा. बता दें कि, यह नियम नए ड्राइविंग लाइसेंस आवेदकों या फिर रेन्यू करवाने वाले दोनों लोगों के लिए लागू होगा. नए नियमों में यह प्रावधान जोड़ा गया है कि 15 वर्ष से ज्यादा पुरानी किसी भी कार का उपयोग ड्राइविंग टेस्ट के लिए नहीं किया जाएगा. 

इलेक्ट्रिक और ऑटोमेटिक कार नहीं होंगे शामिल: 

इस नियम के अनुसार, टेस्ट के दौरान दोपहिया वाहन सेग्मेंट में केवल वो वाहन ही शामिल किए जाएंगे जिनकी इंजन क्षमता 95 सीसी या उससे उपर होगी. इसके अलावा चारपहिया ड्राइविंग टेस्ट इलेक्ट्रिक और ऑटोमेटिक कारों को शामिल नहीं किया जाएगा. इस नए नियम के अनुसार, टेस्टिंग वाहनों में डैशबोर्ड कैमरा और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (GPS) को इंस्टॉल करवाना अनिवार्य होगा. 

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मौके पर मौजूद ड्राइविंग इंस्ट्रक्टर को ड्राइविंग टेस्ट को रिकॉर्ड करना होगा, जिसके लिए उन्हें अपने पास एक मेमोरी कॉर्ड भी रखना होगा. इस रिकॉर्डिंग को MVD सिस्टम में ट्रांसफर किया जाएगा. इतना ही नहीं, ड्राइविंग टेस्ट देने वाले आवेदक को भी अगले 3 महीनों तक रिकॉर्डिंग की एक कॉपी के तौर पर अपने पास मेमोरी कॉर्ड रखना अनिवार्य होगा. 

ड्राइविंग स्कूल एसोसिएशन ने किया विरोध:

हाल ही में केरल मोटर ड्राइविंग स्कूल इंस्ट्रक्टर और वर्कर्स एसोसिएशन ने केरल हाईकोर्ट में इस सर्कूलर को चुनौती दी थी. लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी दरअसल, एसोसिएशन इन नए बदलावों को चुनौतीपुर्ण मान रहा है. इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC), सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) और ऑल केरला ड्राइविंग स्कूल ओनर्स एसोसिएशन से जुड़ी यूनियनों सहित कई ड्राइविंग स्कूल एसोसिएशन ने पूरे राज्य में ड्राइविंग टेस्ट का बहिष्कार किया है और हड़ताल पर चले गए हैं. हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि, केरल मोटर वाहन विभाग (MVD) द्वारा जारी किया गया ये नया नियम पूरे देश में लागू होता है या नहीं. 

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