25 Jan 2025

आखिर भोलू क्यों नहीं बन पाया अच्छा इंसान, वजह जानकर ठहाके लगाएंगे आप!

भोलू- बचपन से ही शौक था अच्छा इंसान बनने का!
शौंटी- फिर क्या हुआ, बन गए?
भोलू- अरे कहां, बचपन खत्म.
शौक खत्म.

रामू लाइब्रेरी जाकर पूछता है- आत्महत्या करने के तरीकों की किताब है क्या?
लाइब्रेरियन ने उसे घूर कर देखा और पूछा- फिर वापस करने कौन आएगा भाई?

लड़की - मैं तुम्हारे लिए आग पर चल सकती हूं, नदी में कूद सकती हूं. क्या तुम मुझसे प्यार करते हो?
लड़का- हां करता हूं.
लड़की- क्या तुम मुझे अभी मिलने आ सकती हो,
लड़का- पागल हो क्या इतनी धूप में.

रमेश- तुम्हें मेरे अंदर सबसे अच्छी बात क्या लगती है? 
पिंकी- लोग समय के साथ बदल जाते हैं लेकिन तुम नहीं बदले.
रमेश- वह कैसे?
लड़की- जब मैं तुमसे मिली थी तब भी बेरोजगार थे और आज भी बेरोजगार हो.

दादा - कमर में बहुत दर्द है.
जरा शर्मा जी के घर से आयोडेक्स ले आओ.
दादी - अरे... वो नहीं देंगे, बहुत कंजूस हैं.
दादी - हां हैं तो खानदानी कंजूस.
पता नहीं इतने पैसे लेकर कहां जाएंगे?
मर जाएंगे यूं ही,
ऐसा करो अलमारी से तुम अपना ही आयोडेक्स निकाल लो, दर्द कुछ ज्यादा ही है.

एक मच्छर परेशान होकर बैठा था, तभी दूसरे मच्छर ने पूछा...क्या हुआ?
पहला मच्छर- कुछ नहीं यार सोच रहा हूं कि चूहेदानी में चूहा... साबुनदानी में साबुन...
तो मच्छरदानी में इंसान क्यों सो रहा है.

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