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द व्हाइट विडो: जिसके पति ने लंदन में ट्रेन उड़ाई और खुद जहां गई वहां लाशें बिछा दीं

नेटफ्लिक्स एक और डॉक्यूमेंट्री-सीरीज़ के साथ आया है, जिसमें दुनिया के पांच मोस्ट वांटेड लोगों का जिक्र किया गया है. इनमें ड्रग्स माफिया, आतंकी और मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों से लेकर काफी कुछ और भी हैं.

द व्हाइट विडो (फोटो: Getty Images) द व्हाइट विडो (फोटो: Getty Images)

नेटफ्लिक्स पर ड्रग्स, आतंकी घटना और किसी क्रिमिनल की कहानी-किस्सों की भरमार है. इसके बावजूद लगातार कई फिल्में, सीरीज़ और डॉक्यूमेंट्री आने का सिलसिला जारी रहता है. हाल ही में नेटफ्लिक्स एक और डॉक्यूमेंट्री-सीरीज़ के साथ आया है, जिसमें दुनिया के पांच मोस्ट वांटेड लोगों का जिक्र किया गया है. इनमें ड्रग्स माफिया, आतंकी और मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों से लेकर काफी कुछ और भी हैं. इन्हीं में से एक कहानी है ‘द व्हाइट विडो’ की, जो फिर चर्चा में है और यूरोपियन-अफ्रीकन मीडिया में इसको लेकर फिर किस्से सामने आ रहे हैं. नेटफ्लिक्स की इस सीरीज़ के बहाने हम भी आपको बताते हैं कि ये व्हाइट विडो कौन है और इसकी कहानी क्या है.

कौन है द व्हाइट विडो ?

द व्हाइट विडो एक टाइटल है, जो कि समांथा ल्यूथवेट को दिया गया है. समांथा नॉर्थ आयरलैंड में पैदा हुईं और इंग्लैंड में रहती थीं. माता-पिता के तलाक के बाद समांथा ने इस्लाम कबूल कर लिया. इराक में जारी लड़ाई के दौरान जब लंदन में प्रदर्शन हो रहे थे, तब उसकी मुलाकात जर्मेन लिंडसे से हुई. दोनों के बीच मुलाकात शुरू हुई और कुछ ही वक्त के बाद 2002 में दोनों ने शादी कर ली.

व्हाइट विडो का नाम कैसे पड़ा ?

जर्मेन लिंडसे ने सोमालिया के आतंकी संगठन अल-शबाब ज्वाइन किया था, कुछ वक्त के बाद समांथा ने भी ऐसा ही किया. लंदन में 2005 में ट्रेन में आतंकी हमला हुआ था. ये हमला अंडरग्राउंड ट्रेन और एक बस में हुआ था, इनमें कुल 26 लोगों की जान चली गई थी. जर्मेन लिंडसे आतंकी हमला करने वाले आतंकियों में शामिल था और आत्मघाती हमले में उसकी जान चली गई थी.

हमले के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो लिंडसे के घर पहुंची. जहां पर समांथा मौजूद थीं, घर में काफी भड़काऊ सामान मिला और बम बनाने का सामान भी छुपा हुआ था. क्योंकि समांथा एक अश्वेत ब्रिटिश जो कि इस्लाम कबूल कर चुका था, उसकी पत्नी थी और आयरिश होने की वजह से काफी गोरी थी तो मीडिया में उसका नाम द व्हाइट विडो पड़ गया.

thumbnail_samantha-lewthwaite-1_081020090621.jpgफोटो: Getty

व्हाइट विडो पर क्या इल्जाम हैं ?

बम धमाकों के बाद जब पुलिस ने पूछताछ की तो समांथा काफी चौंक गई और इस पूरी घटना से खुद को अंजान दिखाया. इसलिए पुलिस ने समांथा को गिरफ्तार नहीं किया. कुछ वक्त बाद वो केन्या निकल गईं, वहां से होते हुए अल-शबाब के साथ खुले तौर पर जुड़ गई. अलग-अलग नाम का इस्तेमाल, फर्जी पासपोर्ट के कारण वो अफ्रीका के कई देशों में गई.

इसी बीच 2012 में मोम्बासा में आतंकी हमला हुआ, जिसमें कई फुटबॉल फैन मारे गए. इस हमले के पीछे समांथा का हाथ बताया जाता है. इसके अलावा भी केन्या के अपने घर में बम का सामान रखने, हथियार रखने का आरोप है.

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अब कहां है व्हाइट विडो?

मोम्बासा में हुए हमले के बाद से ही समांथा के खिलाफ इंटरपोल का नोटिस जारी है. केन्या और ब्रिटेन की पुलिस लगातार उसकी तलाश में है, लेकिन अभी तक समांथा को पकड़ नहीं पाई है. 2014 में अफवाह उड़ी थी कि समांथा की मौत हो गई है, जिसे रूस के एक स्नाइपर ने मार गिराया है. लेकिन इंटेलिजेंस के इनपुट से इसकी पुष्टि नहीं हुई और पता लगा वो जिंदा है. ब्रिटिश पुलिस को शक है कि समांथा अभी भी केन्या या सोमिलिया में ही है.

नेटफ्लिक्स आई पर इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज में समांथा यानी द व्हाइट विडो को लेकर कई अन्य पहलू दिखाई गए हैं. जिनमें ट्रेन की लाइव फुटेज, पुलिस अफसरों के इंटरव्यू, आतंकी संगठन के कुछ इंटरव्यू का काफी सही तरीके से इस्तेमाल किया गया है.

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