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जैश सरगना मसूद अजहर तालिबान से मिला, कंधार से कश्मीर पर नई साजिश रच रहा!

जैश-ए-मोहम्मद का सुप्रीमो मौलाना मसूद अजहर अगस्त के तीसरे हफ्ते में कंधार में था जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया था. माना जा रहा है कि मसूद अजहर ने कश्मीर में ऑपरेशन के लिए तालिबान से मदद मांगी है.

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आतंकी मौलाना मसूद अजहर के तालिबान के लोगों से मिलने की खबर (फाइल-रॉयटर्स)
आतंकी मौलाना मसूद अजहर के तालिबान के लोगों से मिलने की खबर (फाइल-रॉयटर्स)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अगस्त के तीसरे हफ्ते में कंधार में था मौलाना मसूद अजहर
  • कश्मीर में JeM के ऑपरेशन के लिए तालिबान से मदद मांगी
  • आतंकी मसूद अजहर ने तालिबान की "जीत" पर जताई थी खुशी

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद जहां यह आतंकी गुट देश में नई सरकार बनाने की जुगत में है तो कई आतंकी संगठन तालिबान के आने से उत्साहित बताए जा रहे हैं. सूत्रों के हवाले से अब खबर है कि जैश-ए-मोहम्मद के सरगना ने तालिबान से नेताओं से मुलाकात की है और उससे कश्मीर मसले पर मदद मांगी है.

सूत्र बताते हैं कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सुप्रीमो आतंकी मौलाना मसूद अजहर अगस्त के तीसरे हफ्ते में कंधार में था जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया था. मसूद अजहर ने मुल्ला अब्दुल गनी बरादर सहित तालिबान के कई नेताओं से मुलाकात की. माना जा रहा है कि मसूद अजहर ने कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशन के लिए तालिबान से मदद मांगी है.

आतंकी सरगना मसूद अजहर ने तालिबान की "जीत", और "अमेरिका समर्थित अफगानिस्तान सरकार" के खात्मे पर खुशी व्यक्त की थी. 16 अगस्त को अपने लेख "मंजिल की तरफ" में जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक ने अफगानिस्तान में "मुजाहिदीन" की कामयाबी के लिए भगवान का शुक्रिया अदा किया था.

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तालिबान के आने से पाक में खुशी

बहावलपुर स्थित अपने "मरकज" में जैश-ए-मोहम्मद के लोगों के बीच तालिबान की जीत और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए खुदा का आभार व्यक्त करने का अनुरोध करने का एक संदेश भी प्रसारित किया जा रहा है.

इस बीच अफगानिस्तान में तालिबान के आने से पाकिस्तान बेहद खुश है. अफगानिस्तान में तालिबान को खड़ा करने में पाकिस्तान का सहयोग जगजाहिर है. पाकिस्तान की एक नेता नीलम इरशाद शेख ने कहा है कि तालिबान पाकिस्तान के साथ है. तालिबान आएगा और वो कश्मीर जीतकर पाकिस्तान के सुपुर्द कर देगा. 

नीलम इरशाद ने यह विवादित बयान पाकिस्तान के 'बोल' टीवी पर जारी एक बहस में दिया. माना जाता है कि लंबे समय से तालिबान के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से गहरे संबंध हैं.

टीवी डिबेट में नीलम इरशाद ने कहा, 'इमरान सरकार बनने के बाद पाकिस्तान का मान बढ़ा है. तालिबान का कहना है कि हम आपके साथ हैं और इंशा अल्लाह वे हमें कश्मीर जीतकर देंगे.'

जबकि पाकिस्तान की नीलम कश्मीर मसले पर तालिबान के साथ आने का दावा कर रही हैं लेकिन अपनी छवि सुधारने में लगा आतंकी गुट पहले ही कह चुका है कि उसका इस मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है. कश्मीर मुद्दे को तालिबान पहले ही भारत-पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय और आंतरिक मामला बता चुका है.

 

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