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दहकते ज्वालामुखी को करीब से देखने जा रहे थे लोग, 6 मरे

16 हजार फीट ऊंचे वोल्केनो पर चढ़ाई के दौरान 6 लोगों की मौत हो गई है. 12 लोगों की टीम वोल्केनो के शीर्ष पर पहुंचना चाहती थी. 13 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद इनमें से 6 लोग खराब मौसम के शिकार हो गए. इसी ऊंचाई से गिर कर उन लोगों की मौत हो गई.

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15,884 फीट ऊंचा है Klyuchevskaya Sopka वोल्कैनो (प्रतीकात्मक तस्वीर/Reuters)
15,884 फीट ऊंचा है Klyuchevskaya Sopka वोल्कैनो (प्रतीकात्मक तस्वीर/Reuters)

यूरेशिया के सबसे ऊंचे एक्टिव ज्वालामुखी पर चढ़ाई के दौरान 6 लोगों की मौत हो गई है. यह ज्वालामुखी करीब 16 हजार फीट ऊंचा है. लेकिन वह लोग 13 हजार फीट की ऊंचाई तक ही पहुंच पाए और वहां से सभी लोग गिर गए.

लोकल मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ज्वालामुखी रूस के पूर्वी इलाके कमचटका में बसा है. इसका नाम Klyuchevskaya Sopka है. यह 15,884 फीट ऊंचा है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि ज्वालामुखी पर चढ़ाई के दौरान करीब 13 हजार फीट ऊंचाई से 4 लोगों की गिरकर मौत हो गई. इसके कुछ ही देर बाद बाकी के 2 लोग भी गिर गए और उनकी भी मौत हो गई. इन 6 लोगों की मौत के पीछे खराब मौसम को वजह माना जा रहा है.

कमचटका इलाके के अधिकारी ने बताया गया कि चढ़ाई करने वाले लोग ज्वालामुखी के टॉप पर पहुंचने से महज 1600 फीट ही नीचे थे. तभी यह हादसा हो गया.

हालांकि, इस ग्रुप के 6 लोग अभी भी जीवित हैं. मारे गए 6 लोग 12 सदस्यीय टीम का हिस्सा थे. जीवित 6 लोगों में से 2 लोग 10,800 फीट की ऊंचाई पर कैंप बनाकर ठहरे हुए हैं. वहीं 4 लोग 13,000 फीट की ऊंचाई पर एक कैंप में हैं.

Klyuchevskaya Sopka volcano

2 गाइड सहित 12 लोगों के इस ग्रुप ने 30 अगस्त को चढ़ाई शुरू की थी. यह सभी रूसी नागरिक हैं. 4 सितंबर को इनमें से 6 लोगों की मौत हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रुप के एक गाइड का पैर भी टूट गया है. लेकिन बाकी लोगों के मौजूदा हालात के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

Klyuchevskaya Sopka ज्वालामुखी 6000 साल पहले बना था. साल 1697 में इसमें पहली बार विस्फोट दर्ज किया गया था. इसे रूस का सबसे खतरनाक ज्वालामुखी बताया जाता है.

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