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इस शख्स ने दान की अपनी 24,000 करोड़ रुपये की कंपनी, बताई ये वजह

नामी कंपनी पैटागोनिया के फाउंडर ने अरबों की कंपनी दान करने का फैसला किया है. कंपनी के मालिक ने कहा कि यह फैसला उन्‍होंने पर्यावरण को देखते हुए किया है. वह पहले भी पर्यावरण से जुड़े कामों में सक्रियता दिखाते रहे हैं. अब कंपनी को जो लाभ होगा, वह पैसा जलवायु संकट से जूझने में खर्च किया जाएगा.

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पैटागोनिया अमेरिका की जानी-मानी आउटडोर क्‍लोथिंग की कंपनी है (प्रतीकात्‍मक फोटो/ गेटी)
पैटागोनिया अमेरिका की जानी-मानी आउटडोर क्‍लोथिंग की कंपनी है (प्रतीकात्‍मक फोटो/ गेटी)

83 साल के बिजनेसमैन ने 23,922 करोड़ रुपए की कंपनी को दान करने का फैसला किया है. पैटागोनिया (Patagonia) कंपनी के फाउंडर Yvon Chouinard ने यह चौंकाने वाली घोषणा हाल ही में की है. Yvon Chouinard ने कहा, 'अब केवल पृथ्‍वी ही उनकी कंपनी की एकमात्र शेयरहोल्‍डर है.' 

'द इंडिपेंडेट' की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का जो भी फायदा होगा, वह पर्यावरण से जुड़े मुद्दों और जलवायु संकट पर खर्च किया जाएगा. पर्यावरण और जलवायु संकट के खातिर फाउंडर Yvon Chouinard और उनके परिवार ने कंपनी को दान करने का ऐतिहासिक फैसला किया.

पैटागोनिया अमेरिका की जानी-मानी आउटडोर क्‍लोथिंग की कंपनी है. हालांकि, कंपनी अब भी कपड़े, कैम्पिंग से जुड़ी चीजें और अन्य सामान का निर्माण करेगी. लेकिन, इन उत्‍पादों से जो भी फायदा होगा, उसका इस्‍तेमाल जलवायु संकट से लड़ने में किया जाएगा. 

Yvon Chouinard

इस बारे में कंपनी की वेबसाइट पर भी जानकारी दी गई है. Yvon Chouinard ने वेबसाइट पर खुला पत्र लिखा है. उन्‍होंने बताया कि कंपनी के जो वोटिंग स्‍टॉक हैं, वह Patagonia Purpose Trust के हिस्‍से में जाएंगे.

इससे कंपनी की वैल्‍यू की रक्षा होगी, वहीं नॉन वोटिंग स्‍टॉक Holdfast Collective के हिस्‍से में आएंगे, इससे जो भी फायदा होगा वह पर्यावरण के हित के लिए काम में लाया जाएगा.

Yvon Chouinard की उम्र अब 83 साल हो चुकी है, वह पर्वतारोही रह चुके हैं. करीब 50 साल पहले उन्‍होंने Patagonia की स्‍थापना वेंटुरा (कैलिफोर्निया) में की थी. तब से यह कंपनी अरबों रुपये की हो चुकी है.

Yvon Chouinard ने बताया कि वह कभी भी बिजनेसमैन नहीं बनना चाहते थे. उन्‍होंने एक शिल्‍पकार के तौर पर काम शुरू किया था, वह अपने दोस्‍तों और खुद के लिए पर्वतारोहण से सबंधित चीजें बनाते थे. इसके बाद वह इस बिजनेस में आ गए. 

हाल के सालों में, खासकर ट्रंप के शासनकाल में कंपनी की भूमिका पर्यावरण के लिए बढ़ गई थी. 2018 में कंपनी को टैक्‍स कट के रूप में जो राशि मिली थी, वह कंपनी ने दान करने का फैसला किया था.

साल 2017 में कंपनी ने उस मुकदमे में भी हिस्‍सा लिया, जो सरकार के खिलाफ था, इसमें उटाह में मौजूद राष्‍ट्रीय स्‍मारक बीयर्स इयर्स (Bears Ears) और ग्रैंड स्‍टेयरकेस एस्कलेट (Grand Staircase-Escalante) के लगातार सिकुड़ने पर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई गई थी.


 

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