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Pakistan: शहबाज सरकार रोकेगी इमरान खान की सरकार विरोधी रैली, कहा- खातिरदारी के लिए तैयार हैं हम

इमरान खान ने नेशनल असेंबली को भंग करने और नए सिरे से देश में चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर इस हफ्ते के अंत में व्यापक विरोध प्रदर्शन करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से तैयार रहने को कहा था. इस प्रदर्शन को हकीकी आजादी मार्च कहा जा रहा है.

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जल्द ही सरकार विरोधी आजादी मार्च करने जा रहे हैं. इस मार्च में भारी संख्या में उनके समर्थकों के जुटने की उम्मीद है. ऐसे में पाकिस्तान के गृहमंत्री राणा सनाउल्ला ने कहा है कि सरकार ने इस विरोधी रैली को लेकर कमर कस ली है. उन्होंने इमरान खान को चेताते हुए कहा कि वे सरकार विरोधी रैली में उमड़ने वाली भीड़ की खातिरदारी करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. इसके लिए सेना की भी मदद ली जाएगी.

दरअसल इमरान खान ने नेशनल असेंबली को भंग करने और नए सिरे से देश में चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर इस हफ्ते के अंत में व्यापक विरोध प्रदर्शन करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से तैयार रहने को कहा था. 

खान ने अपने निवास पर हुई बैठक के दौरान हक्कानी आजादी मार्च का ऐलान किया था. अब इस हक्कानी आजादी मार्च को लेकर सनाउल्ला ने कहा है कि पीटीआई कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से निपटने के लिए सभी व्यवस्था की गई है.

उन्होंने कहा, पीटीआई समर्थकों से निपटने को लेकर आज एक बैठक की गई, जिसमें एक बहुत ही संतोषजनक फॉर्मूला तैयार किया गया. मार्च से निपटने को लेकर संविधान के आर्टिकल 245 के तहत पाकिस्तान सेना को बुलाया जाएगा.

उन्होंने कहा कि इस विरोध मार्च को असफल करने के लिए पाकिस्तान रेंजर्स, फ्रंटियर कॉन्स्टबुलरी, इस्लामाबाद पुलिस और सिंध पुलिस का इस्तेमाल किया जाएगा. हालांकि, बता दें कि अभी इमरान खान की इस रैली की कोई तारीख निश्चित नहीं हुई है.

बता दें कि इमरान खान की सरकार इस साल अप्रैल महीने में गिर गई थी लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाए यह नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की थी कि उनकी सरकार विदेशी साजिश के तहत गिराई गई.

उन्होंने 25 मार्च को विरोध मार्च शुरू किया था और वह हजारों समर्थकों के साथ इस्लामाबाद पहुंचे थे. लेकिन आखिरी मिनट पर उनके समर्थकों को तितर-बितर कर दिया गया. हालांकि, उन्होंने इस बार धरना प्रदर्शन की धमकी दी है और सरकार पर चुनाव कराने का दबाव बना रहे हैं.

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