scorecardresearch
 

सात समंदर पार अमेरिका में भी दिखी छठ पूजा की धूम, देखें वीडियो

व्रत रखने वाले सभी लोग  मनालापन झील के किनारे इकट्ठा हुए और छठ पूजा की. इस दौरान वहां छठ के लोकगीतों की गूंज भी सुनाई दी.

अमेरिका के न्यू जर्सी में छठ पूजा की धूम (फोटो- एएनआई) अमेरिका के न्यू जर्सी में छठ पूजा की धूम (फोटो- एएनआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सात समंदर पार भी छठ पूजा मना रहे हैं श्रद्धालु
  • अमेरिका के न्यू जर्सी में लोगों ने धूम धाम से मनाया छठ

लोक आस्था का महापर्व छठ, मूल रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी यूपी में मनाया जाता है. लेकिन पिछले कुछ सालों में छठ पूजा की धूम पूरे देश में दिखने लगी है. जाहिर है नौकरी के सिलसिले में बिहार, झारखंड और यूपी के लोग देश के सभी हिस्सों में पहुंचते है. वो दूसरे राज्यों में अपने साथ रीति रिवाज और संस्कृति भी लेकर जाते हैं. यही वजह है कि छठ पूजा अब कुछ राज्यों तक सीमित नहीं रह गई है. लेकिन इस बार छठ पूजा की धूम सात समंदर पार भी देखी गई. अमेरिका के न्यू जर्सी में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के 600 से अधिक सदस्यों ने 21 नवंबर को छठ पूजा का अनुष्ठान किया.

व्रत रखने वाले सभी लोग  मनालापन झील के किनारे इकट्ठा हुए और छठ पूजा की. इस दौरान वहां छठ के लोकगीतों की गूंज भी सुनाई दी. चार दिनों तक चलने वाले छठ महापर्व का समापन शनिवार को ही हो गया था लेकिन अमेरिका समय में भारत से पीछे है, इसलिए अब वहां से छठ की तस्वीरें सामने आ रही हैं. 

छठ महापर्व की शुरूआत नहाय-खाय के साथ होती है. कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी  तिथि से ये महापर्व शुरू हो जाता है. छठ का पर्व दिवाली के 6 दिन बाद मनाया जाता है. यह पर्व खासतौर पर बिहार, पूर्वी उत्तर प्रेदश और झारखंड में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. ये व्रत संतान प्राप्ति और संतान की मंगलकामना के लिए रखा जाता है.

देखें: आजतक LIVE TV

छठ से जुड़ी प्रचलित लोक कथाएं

एक मान्यता के अनुसार भगवान राम और माता सीता ने रावण वध के बाद कार्तिक शुक्ल षष्ठी को उपवास किया और सूर्यदेव की आराधना की और अगले दिन यानी सप्तमी को उगते सूर्य की पूजा की और आशीर्वाद प्राप्त किया. तभी से छठ मनाने की परंपरा चली आ रही है. 

एक अन्य मान्यता के अनुसार छठ देवी सूर्य देव की बहन हैं और उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए भगवान सूर्य की आराधना की जाती है. व्रत करने वाले मां गंगा और यमुना या किसी नदी या जलाशयों के किनारे अराधना करते हैं. इस पर्व में स्वच्छता और शुद्धता का विशेष ख्याल रखा जाता है. 

एक और मान्यता के अनुसार छठ की शुरुआत महाभारत काल में हुई और सबसे पहले सूर्यपुत्र कर्ण ने यह पूजा की. कर्ण अंग प्रदेश यानी वर्तमान बिहार के भागलपुर के राजा थे. कर्ण घंटों कमर तक पानी में खड़े होकर सूर्यदेव को अर्घ्य देता था और इन्हीं की कृपा से वो परम योद्धा बना. छठ में आज भी अर्घ्य देने की परंपरा है. 

महाभारत काल में ही पांडवों की भार्या द्रौपदी के भी सूर्य उपासना करने का उल्लेख है जो अपने परिजनों के स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना के लिए नियमित रूप से यह पूजा करती थीं. इस पर्व में गीतों का खास महत्व होता है. छठ पर्व के दौरान घरों से लेकर घाटों तक छठ के गीत गूंजते रहते हैं. व्रतियां जब जलाशयों की ओर जाती हैं, तब भी वे छठ महिमा की गीत गाती हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें