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रूस-यूक्रेन युद्ध पर NATO का बड़ा ऐलान, कहा- पीछे नहीं हटेंगे

नौ महीने से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध पर नाटो ने कहा है कि वह यूक्रेन की हरसंभव मदद करता रहेगा. रूस से युद्ध का सामना करने के लिए नाटो समूह पहले ही यूक्रेन को मदद के रूप में कई आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम सहित अरबों डॉलर के हथियार दे चुका है.

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नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग (फोटोःरायटर्स)
नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग (फोटोःरायटर्स)

नाटो समूह के प्रमुख और महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने रूस-यूक्रेन जंग पर शुक्रवार को कहा कि हम पीछे नहीं हटने वाले हैं. उन्होंने कहा कि इस युद्ध के शांतिपूर्ण समझौते की संभावनाओं को बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि हम यूक्रेन की मदद करते रहें. जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि  नाटो यूक्रेन की हरसंभव मदद करेगा.

नाटो महासचिव ने कहा, "रूस लगातार यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) पर हमला कर रहा है. ऐसे समय में जैसे-जैसे सर्दी नजदीक आएगी, यूक्रेन को और अधिक संसाधनों की आवश्यकता होगी."

सदस्य देशों से सप्लाई तेज करने का आग्रह करेगा नाटो
नाटो के महासचिवव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि अगले सप्ताह बुखारेस्ट में होनेवाले नाटो के विदेश मंत्रियों की बैठक में हम सदस्य देशों से और मदद सप्लाई करने का आग्रह करेंगे. अमेरिका और नाटो सदस्य अब तक यूक्रेन को लंबी दूरी की पैट्रियट मिसाइल (Patriot missile) डिफेंस सिस्टम भेजने से परहेज करते रहे हैं. पैट्रियट मिसाइल सरफेस टू एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम है. इससे मारक मिसाइलों को आने से रोका जा सकता है. साथ ही साथ इसका उपयोग मिसाइल लॉन्चर की तरह भी किया जा सकता है.

युद्ध से समाधान के लिए जरूरीः नाटो
नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि रूस से युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान का सबसे अच्छा तरीका यूक्रेन का समर्थन करना है. उन्होंने कहा कि हम पीछे नहीं हटने वाले हैं. नाटो यूक्रेन के साथ तब तक खड़ा रहेगा जब तक उसे मदद की जरूरत होगी. 

जर्मनी दे सकता है पैट्रियट मिसाइल 
कुछ दिन पहले पोलैंड में एक मिसाइल गिर गई थी. जिसके बाद जर्मनी ने पोलैंड को पैट्रियट मिसाइल ऑफर किया था. लेकिन पौलैंड ने जर्मनी से आग्रह किया है कि यह मिसाइल यूक्रेन को दे दिया जाए. पोलैंड ने कहा कि रूसी मिसाइलों से बचने के लिए इस मिसाइल की ज्यादा जरूरत यूक्रेन को है. 

इस पर नाटो सचिव ने कहा है कि यह जर्मनी को तय करना है कि क्या वह यू्क्रेन को पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम देना चाहता है या नहीं. जर्मनी इससे पहले भी रूसी हमलों से सुरक्षा के लिए यूक्रेन को मध्यम रेंज की Iris-T system दे चुका है. जर्मनी के रक्षा मंत्री ने गुरुवार को कहा है कि यूक्रेन में पैट्रियट मिसाइल भेजने के प्रस्ताव पर हम विचार करेंगे. शुक्रवार को जर्मन सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम यूक्रेन की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. 

क्या है नाटो (NATO)?
नाटो  का पूरा नाम नार्थ अटलांटिक ट्रिटी ऑर्गेनाइजेशन (North Atlantic Treaty Organization) है, जिसे उत्तरी अटलांटिक गठबंधन भी कहा जाता है. नाटो ग्रुप सुरक्षा प्रणाली का एक संगठन है, जिसके तहत इसके स्वतंत्र सदस्य देश किसी बाहरी देश के हमले के जवाब में आपसी रक्षा के लिए सहमत होते हैं. इसमें 27 यूरोपीय देश, 2 उत्तरी अमेरिकी देश और 1 यूरेशियन देश शामिल है. यूक्रेन भी इसमें शामिल होना चाहता है, जिसका रूस हमेशा से विरोध करता रहा है.

 

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