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ऋषि सुनक रचेंगे इतिहास या बोरिस जॉनसन की होगी वापसी? ब्रिटिश PM की रेस में ये 7 नाम आगे

लिज ट्रस ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. माना जा रहा है कि अगले शुक्रवार यानी 28 अक्टूबर तक ब्रिटेन को नया पीएम मिल सकता है जो कि सत्ताधारी पार्टी से ही कोई होगा. वहीं विपक्षी दल ने जल्द आम चुनाव कराने की मांग की है.

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लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद बोरिस जॉनसन और ऋषि सुनक भी पीएम की रेस में
लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद बोरिस जॉनसन और ऋषि सुनक भी पीएम की रेस में

ब्रिटेन में चल रहे राजनीतिक गतिरोध में बड़ा ट्विस्ट आ गया है. प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने मात्र 45 दिनों में ही पीएम पद से इस्तीफा दे दिया है. वह अपनी आर्थिक नीतियों को लेकर अपनी ही पार्टी में निशाने पर थीं. अब कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य यानी टोरी मेंबर्स ने भी उनका साथ छोड़ दिया, जबकि 6 हफ्तों पहले उन्होंने ही बोरिस जॉनसन की जगह लिज ट्रस को चुना था.

अब लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद ब्रिटेन फिर उसी दोराहे पर खड़ा है, उसके सामने वही सवाल है कि अगला पीएम कौन होगा? फिलहाल भारतीय मूल के ऋषि सुनक फिर ब्रिटेन पीएम बनने की रेस में आ गए हैं. लिज ट्रस का इस्तीफा भले सुनक के लिए गोल्डन चांस जैसा हो, लेकिन उनके लिए राह इतनी भी आसान नहीं है क्योंकि उनके साथ-साथ कंजर्वेटिव पार्टी के कई और चेहरे भी इस रेस में हैं, जिनके बारे में हम आपको बताएंगे.

ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक, इस रेस में कई चेहरे हैं. पहला नाम पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन (boris johnson) का ही है. दूसरा नाम भारतीय मूल के ऋषि सुनक (rishi sunak) का है. इसके अलावा पेनी मोर्डौंट (Penny Mordaunt) भी रेस में रहेंगी. वह लिज ट्रस के चुने जाने के वक्त पीएम की रेस में तीसरे नंबर पर रही थीं.

इन लोगों के अलावा रेस में रक्षा मंत्री बेन वालेस (Ben Wallace), अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सचिव केमी बडेनोच (Kemi Badenoch), विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली (James Cleverly) और हाल ही में इस्तीफा देने वाली सुएला ब्रेवरमैन (Suella Braverman) शामिल हैं.

इस लिस्ट में वित्त मंत्री जेरेमी हंट का भी नाम था. लेकिन लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद उन्होंने साफ कर दिया है कि वह अब पीएम बनने के लिए अपनी दावेदारी पेश नहीं करेंगी. इसके अलावा टॉम तुगेन्दाटा (Tom Tugendhat) और माइकल गोव (Michael Gove) भी चुनाव नहीं लड़ने वाले.

अधिकतम तीन उम्मीदवार हो सकेंगे खड़े

ब्रिटिश पीएम की रेस में भले 7 नामों पर नजरें हैं. लेकिन तीन से ज्यादा उम्मीदवारों का खड़े होना मुश्किल है. दरअसल, ब्रिटिश संसद में कुल 357 टोरी सांसद (कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद) हैं. एक उम्मीदवार को बैलेट प्राप्त करने के लिए करीब 100 टोरी सांसदों का समर्थन चाहिए होगा. इस तरह से उम्मीदवारों की संख्या तीन से ज्यादा नहीं हो सकेगी.

इन बड़े चेहरों पर नजरें

ऋषि सुनक: ट्रस के इस्तीफे के बाद पूर्व चांसलर ऋषि सुनक के पास फिर से ब्रिटेन का पीएम बनने का मौका है. भारतीय मूल के सुनक जानी-मानी आईटी कंपनी इनफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद हैं. वह ब्रिटेन के वित्त मंत्री भी रह चुके हैं. ऋषि सुनक जब 2015 में जब पहली बार सांसद बने थे तब उन्होंने भगवत गीता पर हाथ रख कर शपथ ली थी.

अगर ऋषि सुनक जीतते हैं तो वह यूके के पीएम बनने वाले भारतीय मूल के पहले शख्स होंगे, जो कि एतिहासिक पल होगा.

कुछ महीनों पहले जब बोरिस जॉनसन के इस्तीफे के बाद कंजर्वेटिव पार्टी से किसी को पीएम चुना जाना था. तब उस रेस में ऋषि सुनक दूसरे नंबर पर रहे थे और लिज ट्रस पीएम बनी थीं. अब लिज ट्रस के हटने के बाद उनके पीएम बनने के चांस फिर से प्रबल हैं. सुनक के पास प्लस प्वाइंट यह है कि उन्होंने कोविड महामारी के दौरान ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को अच्छे से हैंडल किया. लेकिन उनके सामने एक बड़ी चुनौती भी है. दरअसल, पार्टी के सदस्य मानते हैं कि उन्होंने ही बोरिस जॉनसन को धोखा दिया, जिसकी वजह से इस्तीफे और फिर अब दोबारा इस्तीफे की नौबत आई.

बोरिस जॉनसन: लिज ट्रस के कुर्सी छोड़ने के बाद बोरिस जॉनसन वापसी की कोशिश कर सकते हैं. जॉनसन ने इस्तीफा देने के बाद से खुद को लो प्रोफाइल कर रखा है. पिछले हफ्ते अमेरिका में उन्होंने भाषण दिया था, लेकिन ब्रिटेन के मौजूदा संकट पर उन्होंने अपने कुछ नहीं कहा था.

पेनी मोर्डेंट: मोर्डेंट मौजूदा ब्रिटिश कैबिनेट की सदस्य हैं. ऐसा माना जा रहा था कि वह बोरिस जॉनसन की जगह लेंगी. मोर्डेंट ने रन-ऑफ में ट्रस को कड़ी टक्कर दी थी. पूर्व रक्षा और व्यापार मंत्री जमीनी स्तर पर काफी लोकप्रिय हैं. 2016 के इन्होंने ब्रेग्जिट का पुरजोर समर्थन किया था. हालांकि कंजर्वेटिव सदस्यों के हालिया नेतृत्व की दौड़ में उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा. कुछ ने उन पर पिछली भूमिकाओं में अप्रभावी होने का आरोप लगाया. हालांकि ट्रस के पद छोड़ने के बाद से इनके नाम की फिर चर्चा होने लगी है.

बेन वालेस: ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वालेस इस बार पीएम बनने की दावेदारी पेश कर सकते हैं. जिस कॉन्टेस्ट के बाद लिज ट्रस को चुना गया था, उसमें वालेस ने दावेदारी पेश नहीं की थी. स्कॉट्स गार्ड्स इन्फैंट्रीमैन रहे वालेस स्कॉटलैंड संसद के सदस्य भी रहे हैं. इसके बाद वह Wyre and Preston North से सांसद चुने गए.

सुएला ब्रेवरमैन: भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन ब्रिटेन की गृह मंत्री थी. उन्होंने 19 अक्टूबर को ही अपने पद से इस्तीफा दिया है. भारतीय मूल का होते हुए ब्रिटेन आने वाले प्रवासियों विशेष रूप से भारतीय प्रवासियों की बढ़ती संख्या का सुएला ब्रेवरमैन ने विरोध किया था. इसपर काफी बवाल हुआ था.

 

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